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Jaishankar Kuwait Visit: कुवैत के शीर्ष नेताओं से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, किन-किन क्षेत्रो बढ़ेगा सहयोग?
Wed, 08 Jul 2026 10:56 PM IST
निर्मल कांत
आईएएनएस, कुवैत सिटी।
आईएएनएस, कुवैत सिटी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 08 Jul 2026 10:56 PM IST
सार
विदेश मंत्री एस जयशंकर के कुवैत दौरे के दौरान दोनों देशों ने ऊर्जा, व्यापार, रक्षा, तकनीक और सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने कुवैत के शीर्ष नेताओं और भारतीय समुदाय से मुलाकात कर आपसी सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। पढ़ें रिपोर्ट-
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कुवैत के प्रधानमंत्री के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबाह से मुलाकात की। उन्होंने भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए कुवैत के समर्थन की सराहना की। साथ ही, दोनों देशों के बीच मजबूत और लाभकारी सहयोग बढ़ाने के उनके नजरिये का स्वागत किया।
विदेश मंत्री ने कुवैत के अपने समकक्ष शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह के साथ भी बैठक की। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, कुवैत के विदेश मंत्री से मिलकर खुशी हुई। बैठक में खाड़ी क्षेत्र के संघर्ष के असर और उसके दूरगामी प्रभावों पर चर्चा हुई। उन्होंने भारतीय समुदाय के हितों का ध्यान रखने के लिए कुवैत की सराहना की।
उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत-कुवैत की रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। विदेश मंत्री जयशंकर और कुवैत के रक्षा मंत्री अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबाह के बीच हुई बैठक में रक्षा क्षेत्र में सहयोग और समुद्री सुरक्षा मुख्य मुद्दे रहे।
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इन अहम बैठकों के बीच जयशंकर ने कुवैत में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि भारत और कुवैत की दोस्ती को मजबूत करने में भारतीय समुदाय की भूमिका को अच्छी तरह जाना जाता है। उन्होंने समुदाय के लोगों के अनुभवों और सुझावों को महत्व दिया और भारत के लिए उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।
कुवैत के क्राउन प्रिंस के साथ क्या चर्चा हुई?
इससे पहले दिन में जयशंकर ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-सबाह से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और खाड़ी क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर विचार साझा किए। विदेश मंत्री ने कुवैत के क्राउन प्रिंस की भारत-कुवैत संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता की भी सराहना की।
बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि उन्हें कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-सबाह से मुलाकात करने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत-कुवैत सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए क्राउन प्रिंस की सराहना की और खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम पर उनके विचार साझा करने के लिए धन्यवाद दिया।
ये भी पढ़ें: 'आज रात हम उन पर जोरदार हमले करेंगे', अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी
छह देशों की यात्रा में कुवैत क्यों अहम?
जयशंकर मंगलवार को अपनी छह देशों की यात्रा के तीसरे चरण के तहत कुवैत पहुंचे थे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों और सहयोग को और मजबूत करना है। कुवैत पहुंचने पर जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि उन्होंने कुवैत के उप विदेश मंत्री हमद सुलेमान मशान अल-मशान का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वह अपनी बैठकों और कार्यक्रमों को लेकर उत्साहित हैं।
मंगलवार को जयशंकर ने बहरीन के उप प्रधानमंत्री खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा से भी मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
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विदेश मंत्री ने कुवैत के अपने समकक्ष शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह के साथ भी बैठक की। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, कुवैत के विदेश मंत्री से मिलकर खुशी हुई। बैठक में खाड़ी क्षेत्र के संघर्ष के असर और उसके दूरगामी प्रभावों पर चर्चा हुई। उन्होंने भारतीय समुदाय के हितों का ध्यान रखने के लिए कुवैत की सराहना की।
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उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत-कुवैत की रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। विदेश मंत्री जयशंकर और कुवैत के रक्षा मंत्री अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबाह के बीच हुई बैठक में रक्षा क्षेत्र में सहयोग और समुद्री सुरक्षा मुख्य मुद्दे रहे।
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इन अहम बैठकों के बीच जयशंकर ने कुवैत में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। जयशंकर ने कहा कि भारत और कुवैत की दोस्ती को मजबूत करने में भारतीय समुदाय की भूमिका को अच्छी तरह जाना जाता है। उन्होंने समुदाय के लोगों के अनुभवों और सुझावों को महत्व दिया और भारत के लिए उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया।
कुवैत के क्राउन प्रिंस के साथ क्या चर्चा हुई?
इससे पहले दिन में जयशंकर ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-सबाह से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और खाड़ी क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर विचार साझा किए। विदेश मंत्री ने कुवैत के क्राउन प्रिंस की भारत-कुवैत संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता की भी सराहना की।
बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि उन्हें कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-सबाह से मुलाकात करने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत-कुवैत सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए क्राउन प्रिंस की सराहना की और खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम पर उनके विचार साझा करने के लिए धन्यवाद दिया।
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छह देशों की यात्रा में कुवैत क्यों अहम?
जयशंकर मंगलवार को अपनी छह देशों की यात्रा के तीसरे चरण के तहत कुवैत पहुंचे थे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों और सहयोग को और मजबूत करना है। कुवैत पहुंचने पर जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि उन्होंने कुवैत के उप विदेश मंत्री हमद सुलेमान मशान अल-मशान का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वह अपनी बैठकों और कार्यक्रमों को लेकर उत्साहित हैं।
मंगलवार को जयशंकर ने बहरीन के उप प्रधानमंत्री खालिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा से भी मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।