US-Ukraine Ties : 'ट्रंप प्रशासन में भी जारी रहनी चाहिए सैन्य मदद', 50 देशों की बैठक में बोले जेलेंस्की-ऑस्टिन
US-Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले तीन वर्षों से युद्ध जारी है। इस बीच जर्मनी में 50 देशों की बैठक हुई। बैठक में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने आने वाले ट्रंप प्रशासन में भी यूक्रेन के लिए सैन्य मदद की उम्मीद जताई।
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यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने गुरुवार को अपनी अंतिम बैठक में आने वाले ट्रंप प्रशासन से आग्रह किया कि वह रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन की सैन्य मदद बंद न करे। दोनों नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर अब सैन्य मदद रोकी जाती है तो इससे अधिक आक्रामकता, अराजकता और संघर्ष का आमंत्रण मिलेगा। जेलेंस्की अभी जर्मनी के दौरे पर हैं।
जेलेंस्की ने कहा, हमने इतना लंबा सफर तय किया है कि अब इसे छोड़ देना वास्तव में पागलपन होगा। हमें अपनी रक्षा सहयोग करने वाली टीम को मजबूत करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, हर कोई यही सुनिश्चित करना चाहता है कि उनका देश नक्शे से यूं ही मिट न जाए।
यूक्रेन को 500 मिलियन डॉलर की सैन्य मदद भेजेगा अमेरिका
वहीं, ऑस्टिन ने घोषणा की कि अमेरिका, यूक्रेन को 500 मिलियन डॉलर की ओर रक्षा मदद भेजेगा, जिसमें लड़ाकू विमानों के लिए मिसाइल, एफ-16 के लिए उपकरण, बख्तरबंद ब्रिज प्रणाली और छोटे हथियार व गोला-बारूद शामिल होंगे। ब्रिज प्रणाली का उपयोग तब किया जाता है, जब किसी नदी, खाई या अन्य बाधा को पार करना हो और उस रास्ते पर पुलिस निर्माण की जरूरत हो। यह मदद अमेरिकी सैन्य भंडार से सीधे भेजी जाएगी और पेंटागन ने इस महीने के अंत से पहले यूक्रेन तक इसे पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
अगर यूक्रेन को हड़प लिया तो पुतिन की भूख बढ़ती रहेगी: ऑस्टिन
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा, अगर (रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन ने यूक्रेन को हड़प लिया, तो उनकी भूख और बढ़ेगी। ऑस्टिन ने उन 50 सदस्य देशों को संबोधित करते हुए यह बात कही, जो यूक्रेन को हथियारों और सैन्य मदद के समन्वय के लिए बैठक कर रहे थे। यह बैठक जर्मनी के रामस्टीन एयरबेस पर हो रही है। उन्होंने कहा, अगर तानाशाहों को यह लगता है कि लोकतंत्र अपनी हिम्मत खो देंगे, अपने हितों को छोड़ देंगे और अपने सिद्धांतों को भूल जाएंगे और केवल और अधिक जमीन पर कब्जा होते देखेंगे, तो उनको पता होना चाहिए कि आक्रामकता फल भुगतना पड़ता है। यह और अधिक आक्रमकता, अराजकता और संघर्ष को ही आमंत्रित करेगा।
अब तक 66 अरब डॉलर की मदद भेज चुका पेंटागन
ऑस्टिन ने कहा, यूक्रेन युद्ध ने दुनिया को यह बता दिया है कि कई देशों के पास युद्ध लड़ने के लिए पर्याप्त सैन्य भंडार नहीं हैं। इसलिए अमेरिका सहित अन्य देशों ने अपने घरेलू हथियारों का उत्पादन बढा दिया है। अमेरिका अब तक 66 अरब डॉलर की मदद यूक्रेन को भेज चुका है, जिसमें से करीब 80 से 90 फीसदी पहले ही यूक्रेन तक पहुंच चुकी है।
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