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पाकिस्तान : लाहौर किले में मिली 400 साल पुरानी सुरंग, गुप्तमार्ग के तौर पर होता था इस्तेमाल
Sat, 20 Mar 2021 10:00 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 20 Mar 2021 10:00 AM IST
सार
- पाकिस्तान के लाहौर किले में 400 साल पुरानी सुरंग मिली
- 400 साल पुरानी होने के बाद भी सुरंग की दीवारें सुरक्षित
- किले में 21 स्मारक हैं जिनकी मरम्मत के दौरन सुरंग का पता चला
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पाकिस्तान के लाहौर में मिली 400 साल पुरानी सुरंग
- फोटो : social media
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विस्तार
पाकिस्तान के लाहौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लाहौर किले में खुदाई के दौरान वहां एक 400 साल पुरानी सुरंग मिली है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। यह सुरंग 400 साल पुरानी है लेकिन इसके बाद भी पूरी तरह से सुरक्षित है, जो सबसे ज्यादा आश्चर्यचकित करने वाली बात है।
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बता दें कि लाहौर किले में 21 स्मारक हैं, इनमें से कुछ सम्राट अकबर के काल के हैं। इन स्मारकों में पिछले कुछ दिनों से मरम्मती का काम चल रहा है। इस मरम्मती के काम के दौरान लोगों को यहां यह 400 साल पुरानी सुरंग मिली है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस सुरंग की मजबूती अभी तक पहले जैसी ही है।
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यह सुरंग हवादार है और रोशनी भी सुरंग में भरपूर पहुंच रही है। ऐसा बताया जा रहा है कि सुरंग के अंदर अभी भी कई गुप्त मार्ग हैं। कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि हाल ही में इस सुरंग का इस्तेमाल गुप्त मार्ग और जल निकासी के लिए किया गया था। लाहौर के मध्य में स्थित इस सुरंग की दीवारें काफी मजबूत हैं।
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डब्ल्यूसीएलए के उप-इंजीनियर हाफिज उमरन का कहना है कि जब मोती मस्जिद और मकतब खाना के पुनर्वास और नवीकरण का काम शुरू किया गया था तो खुदाई के दौरान सुरंग के निशान पाए गए थे। पुराने जलमार्ग से जलनिकासी और वर्षा जल को सक्षम करने के लिए 625 फुट लंबी सुरंग की मरम्मत की गई थी।
ऐसा बताया जा रहा है कि बारिश के मौसम में किले की सुरंगों में पानी इकट्ठा हो जाया करता था, इससे किले के विभिन्न हिस्सों को नुकसान पहुंचता था। हाफिज उमरन ने कहा कि उन्हें खुदाई के दौरान काफी सांप और बिच्छू मिले। वहीं पुरातत्व विभाग का कहना है कि इस किले की सात परतें थीं। इससे इस बात का पता चलता है कि सात बार इस किले को ध्वस्त किया गया और बनाया गया।