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मिस्र में कोरोना से होने वाली मौतों का खुलासा करने पर सरकार कर रही है गिरफ्तार
Wed, 08 Jul 2020 02:30 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 08 Jul 2020 02:30 PM IST
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कोरोना संक्रमण
- फोटो : PTI
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मिश्र में कोरोना वायरस के संकट के बाद से अबतक दस डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या के बारे में कोई भी जानकारी दी तो इसके लिए उन्हें सजा दी जाएगी।
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मिश्र में अबतक 76,253 लोग कोरोना की वजह से संक्रमित हैं और पूरे देश में 3,343 मरीजों की मौत हो चुकी है, जो अरब देशों में सबसे ज्यादा है। इस बात पर राष्ट्रपति अब्देल फताह अल-सिसी और उनकी सरकार की लगातार आलोचना हो रही है। सुरक्षा एंजेसिंया उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई का प्रयास कर रही हैं जो सरकार की महामारी से लड़ने की विफल नीतियों की आलोचना कर रहे हैं।
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मिश्र के डॉक्टर पीपीई किट ना होने की वजह से गुस्सा कर रहे हैं और सरकार मौतों की बढ़ती संख्या को लेकर उन्हें दोषी ठहरा रही है। फरवरी में कोरोना वायरस का पहला मामला आया था, तब से लेकर अबतक दस डॉक्टर और छह परिवारों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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यही नहीं एक विदेशी संवाददाता कोरोना महामारी के दौरान गिरफ्तारी के डर से देश छोड़कर भाग गया है और दूसरे दो पत्रकारों को पेशेवर उल्लंघन का आरोप लगाकर प्रताड़ित किया गया है। पिछले महीने डॉक्टरों की यूनियन ने सरकारी वकील को एक पत्र जारी किया।
इस पत्र में हिरासत में लिए गए पांच डॉक्टरों की रिहाई की मांग की गई थी। उस पर प्रधानमंत्री से माफी की मांग करने का आरोप था क्योंकि प्रधानमंत्री ने कोरोना मामलों की बढ़ती संख्या का आरोप सफाई कर्मचारियों पर लगाया था।
मिश्र में सेना ने 4,000 बेड के अस्पतालों की स्थापना की है लेकिन दूसरी तरफ डॉक्टरों का कहना है कि वे अपने कम वेतन के बावजूद सर्जिकल मास्क खरीदने के लिए मजबूर है।