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ट्रंप के ट्वीट में गलती निकाली तो सोशल मीडिया पर भड़के राष्ट्रपति
Wed, 27 May 2020 07:18 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 27 May 2020 07:18 PM IST
सार
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ट्विटर का निशाना
- ट्रंप के कुछ ट्वीट पर फैक्ट चेक का निशान लगाने की चेतावनी
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डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि ट्विटर अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप कर रहा है और बोलने की आजादी का पूरी तरह दम घोंट रहा है। इसके साथ ही ट्रंप ने ट्वीट कर इस बड़े सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म को बंद करने की धमकी दे डाली। दरअसल, मंगलवार को ट्विटर ने ट्रंप के दो ट्वीट्स के साथ डिस्क्लेमर लगाते हुए उन पर एक तरह से फर्जी दावे करने का आरोप लगाया था।
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ट्रंप ने ऐसे समय पर यह आरोप लगाया है जब सोशल मीडिया साइट ने ट्रंप के किसी ट्वीट पर पहली बार तथ्य की जांच करने संबंधी चेतावनी जारी की है। ट्विटर ने मंगलवार को ट्रंप के उस ट्वीट पर यह चेतावनी जारी की थी, जिसमें ट्रंप ने मेल के जरिए मतदान को फर्जीवाड़ा बताया था और भविष्यवाणी करते हुए चेताया था कि इन मेल बॉक्स को लूट लिया जाएगा।
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ट्रंप ने ट्विटर की चेतावनी के बाद मंगलवार को ट्वीट किया, 'ट्विटर अब 2020 में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव में हस्तक्षेप कर रहा है। उनका कहना है कि मेल के जरिए मतदान संबंधी मेरा यह बयान गलत है कि इससे व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा फैलेगा। उसका यह कथन फर्जी समाचार देने वाले सीएनएन और एमेजॉन वाशिंगटन पोस्ट की तथ्य संबंधी जांच पर आधारित है।'
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उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'ट्विटर बोलने की आजादी का दम घोंट रहा है और मैं एक राष्ट्रपति के रूप में ऐसा करने की अनुमति कतई नहीं दूंगा।'ट्विटर ने गलत सूचना को फैलने से रोकने के लिए तथ्य की जांच संबंधी नई प्रणाली शुरू की है।
ट्विटर ने ट्रंप के ट्वीट पर चेतावनी जारी करते हुए लिखा था, 'मेल के जरिए मतदान से जुड़े तथ्यों का पता लगाएं'। इसके साथ ही उसने द वॉशिंगटन पोस्ट और सीएनएन जैसे मीडिया संस्थानों की विभिन्न खबरों के लिंक भी संलग्न किए। ट्रंप ने ट्वीट किया था कि मेल के जरिए मतदान फर्जीवाड़े से कम नहीं होगा।
उन्होंने कहा था कि मेल बॉक्स लूट लिए जाएंगे, मत पत्रों में फर्जीवाड़ा किया जाएगा, उन्हें अवैध तरीके से छापा जाएगा और धोखाधड़ी से हस्ताक्षर किए जाएंगे। कैलिफोर्निया के गर्वनर लाखों लोगों को मतपत्र भेज रहे हैं। इसी ट्वीट के बाद ट्विटर ने तथ्य संबंधी जांच को लेकर चेतावनी जारी की थी।
ट्विटर के प्रवक्ता ट्रेंटन केनेडी ने कहा कि हालांकि ट्रंप का मेल के जरिए मतदान संबंधी ट्वीट ट्विटर के नियमों का उल्लंघन नहीं करता क्योंकि यह लोगों को मतदान करने से प्रत्यक्ष रूप से मना नहीं करता है, लेकिन इसमें मतदान प्रक्रिया, खासकर मेल के जरिए मतदान के बारे में भ्रामक जानकारी दी गई है।
ट्रंप की चुनाव प्रचार मुहिम टीम ने आरोप लगाया कि ट्विटर राष्ट्रपति को मतदाताओं तक अपना संदेश पहुंचाने से रोक रहा है।
.@Twitter is now interfering in the 2020 Presidential Election. They are saying my statement on Mail-In Ballots, which will lead to massive corruption and fraud, is incorrect, based on fact-checking by Fake News CNN and the Amazon Washington Post....
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) May 26, 2020
ये कदम तब उठाया गया जब 45वें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पथ पर ट्विटर ने सामुदायिक गाइडलाइंस और दूसरे नियमों को लागू करने के लिए मना कर दिया था। यह कहना जल्दबाजी होगा कि क्या डोनाल्ड ट्रंप के बर्ताव का यह कदम ट्विटर के लिए नया मो़ड़ लेकर आएगा।
हां, लेकिन इतना जरूर तय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने सारी हदें पार कर दी हैं कि अब सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर भी डोनाल्ड ट्रंप के लिए अपने नियमों में बदलाव नहीं करेगी।