पाकिस्तान: संबोधन में भावुक हुए इमरान खान, भारत को बताया खुद्दार देश, विपक्ष और विदेशी ताकतों पर जमकर बरसे
पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने आज फिर देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मुझे मायूसी हुई, लेकिन मैं इस फैसले की इज्जत करता हूं।
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सु्प्रीम कोर्ट में अपनी सरकार के खिलाफ फैसला आने के एक दिन बाद पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने देश को संबोधित किया। इस दौरान वह विपक्ष और अमेरिका पर जमकर बरसे। अपने संबोधन के दौरान इमरान भारत का जिक्र करते समय भावुक भी हो उठे। उन्होंने भारत को एक खुद्दार देश बताते हुए उसकी विदेश नीति की फिर तारीफ की।
इमरान बोले, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराश
इस दौरान उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मुझे मायूसी हुई, लेकिन मैं इसकी इज्जत करता हूं। सुप्रीम कोर्ट को देखना चाहिए था कि बाहर का एक मुल्क सरकार के खिलाफ साजिश करके उसे गिराता है। अदालत कम से कम उस दस्तावेज को एक बार देख तो लेता। देख लेता कि हम सच बोल रहे हैं या नहीं।
पाकिस्तान का मजाक बन गया है
इमरान ने कहा, खुलेआम हॉर्स ट्रेडिंग हो रही है, भेड़ बकरियों की तरह नेताओं को होटलों में बंद किया जा रहा है। ये कौन सी जम्हूरियत है। इंसाफ के सबसे बड़े फोरम से हम उम्मीद करते थे कि वो इसका संज्ञान लेगा। आज पाकिस्तान का मजाक बन गया है। पैसे के लिए ये लोग अपना जमीर बेच रहे हैं। रिजर्व सीट वाले भी बिक रहे हैं, जबकि इसे तो पार्टी वाले तोहफे के रूप में देते हैं।
मैं ख्वाब देखता था कि मेरा मुल्क एक अजीम मुल्क बनेगा। लेकिन जब आप ये तमाशा देखते हैं तो झटका लगता है। जब ये चीजें खुलेआम हो रही है तो मुझे मायूसी होती है। मैंने इस तरह की चीजें किसी पश्चिमी देश में नहीं देखी हैं।
#WATCH | Indians are 'khuddar quam' (very self respecting people). No superpower can dictate terms to India. I'm disappointed that only due to RSS ideology and what is done with Kashmir we don't have a good relation: Pakistan PM Imran Khan pic.twitter.com/EAR3bPSqGs
— ANI (@ANI) April 8, 2022
ऐसी धमकी 22 करोड़ लोगों की तौहीन
पाक पीएम ने कहा, विदेशी ताकत यहां लोगों से मिलती है और मेरे नहीं हटने पर देश को नुकसान होने की बात कहती है। ऐसी धमकी 22 करोड़ लोगों की तौहीन है। अगर ऐसा है तो हम आजाद क्यों हुए। डर में रहना है तो आजाद क्यों हुए? क्या हमें ऐसे ही रहना है कि बाहर से कोई हुक्म दे रहा है। अमेरिकी डिप्लोमैट हमारे नेताओं से मिल रहे हैं। शाहबाज शरीफ को सब कुछ पता था। अब अवाम को फैसला करना है।
मेरा जुर्म क्या है। इन्होंने मेरा रिकॉर्ड देखा और पाया कि इसने (इमरान) इराक मुद्दे पर मुखालिफत की। अफगानिस्तान के हालात पर बात की। हमारे देश में गैरकानूनी 400 ड्रोन हमले हुए और इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया। ये हमारी कठपुतली नहीं बन सकता। हमें फैसला करना है कि हमें किस तरह का पाकिस्तान चाहिए। इमरान खान एंटी अमेरिका नहीं है। लेकिन हम कोई टिश्यू पेपर नहीं हैं जो आप इस्तेमाल करके फेंक दें।
भारत को बताया खुद्दार देश, हुए भावुक
हमारे साथ ही हिंदुस्तान आजाद हुआ था। वहां बहुत सम्मान और प्यार मिला। (इस दौरान इमरान भावुक हो उठे) वो एक खुद्दार कौम हैं। किसी सुपर पावर की जुर्रत नहीं है कि वहां ऐसा कुछ कर दे। मैं हिंदुस्तान का विरोधी नहीं हूं। कश्मीर, आरएसएस की वजह से रिश्ते खराब हुए। भारत की विदेश नीति आजाद है।
इस रविवार को आप सभी बाहर निकलें
मैं क्रिकेट में न्यूट्रल अंपायर लेकर आया था। मैं चाहता था कि इस देश में न्यूट्रल चुनाव हों। इसीलिए ईवीएम लाई गई हैं। लेकिन ये लोग (विपक्ष) अब ईवीएम खत्म करने की साजिश करेंगे। अगर इन्हें जम्हूरियत की फिक्र है तो चुनाव का एलान करें, देख लेंगे जनता किसे पसंद करती है। मैंने अपनी जिंदगी में बहुत संघर्ष किया है। मुझे एक बार फिर बाहर निकलकर संघर्ष करना है। बाहर की ताकत साजिश कर रही है, इस रविवार को आप सबको बाहर निकलना है, विरोध करना है। एक जिंदा कौम अपने अधिकार के लिए खड़ी होती है। आपने ये गुलामी कबूल नहीं करनी है।
इमरान ने कहा, जनता हमारे साथ
इससे पहले उन्होंने दावा किया कि देश की जनता उनके साथ है। एक टीवी चैनल से बातचीत में इमरान ने कहा कि हम पाकिस्तान की जनता के साथ हैं और वो भी हमारे साथ है।इमरान ने कहा कि मेरे कार्यकाल में पाकिस्तान की छवि पहले से अच्छी हुई है।
इमरान ने कहा कि मैं राजनीति में एक मकसद के साथ आया था और मैंने जनता की भलाई की राजनीति की। मेरी कोशिश रही कि मैं नौजवानों को बेहतरी के काम में लगाऊं। किसी देश का पीएम मुल्क के बाप की तरह होता है और मां-बाप हमेशा अपने बच्चों की भलाई चाहते हैं।
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद में संघीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता भी की।
बीते दिन क्या हुआ?
इससे पहले गुरुवार को पाकिस्तान में करीब एक हफ्ते तक चले सियासी संकट का सुप्रीम कोर्ट ने अंत कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल असेंबली को बहाल करने का फैसला सुनाया था और नौ अप्रैल को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराने के निर्देश दिए। इसके बाद पीएम इमरान खान ने शुक्रवार रात को राष्ट्र को संबोधित करने की घोषणा की थी।