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Pakistan: इमरान को एक और झटका, पीटीआई नेता फवाद चौधरी ने पार्टी छोड़ी; पूर्व PM ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार
Wed, 24 May 2023 10:23 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 24 May 2023 10:23 PM IST
सार
फवाद चौधरी ने कहा कि मेरे पहले के बयान में जहां मैंने नौ मई की घटनाओं की स्पष्ट रूप से निंदा की थी, मैंने राजनीति से ब्रेक लेने का फैसला किया है, इसलिए मैंने पार्टी के पद से इस्तीफा दे दिया है और इमरान खान से अलग हो रहा हूं।
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चौधरी फवाद हुसैन (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई प्रमुख इमरान खान को लगातार झटके लग रहे हैं। अब इमरान के करीबी और उनकी सरकार में मंत्री रहे फवाद चौधरी ने भी बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। नौ मई को हुईं हिंसा के बाद सरकार लगातार पीटीआई के नेताओं पर शिकंजा कस रही है। इसी के चलते इमरान के करीबी पार्टी छोड़ रहे हैं।
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इमरान की सरकार में सूचना मंत्री रहे फवाद चौधरी ने ट्वीट कर कहा कि मेरे पहले के बयान में जहां मैंने नौ मई की घटनाओं की स्पष्ट रूप से निंदा की थी, मैंने राजनीति से ब्रेक लेने का फैसला किया है, इसलिए मैंने पार्टी के पद से इस्तीफा दे दिया है और इमरान खान से अलग हो रहा हूं। फवाद चौधरी ने इमरान सरकार के दौरान सूचना और प्रसारण के संघीय मंत्री और विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री के रूप में कार्य किया। वह पीटीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता भी थे।
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इससे पहले, पीटीआई की बड़ी नेता शिरीन मजारी ने मंगलवार को बड़ा झटका देते हुए तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी छोड़ दी थी और उन्होंने रक्षा प्रतिष्ठानों पर पर हमला करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री के समर्थकों पर निशाना साधते हुए उनकी निंदा भी की थी। शिरीन मजारी ने इमरान खान के शासन में 2018 से 2022 तक मानवाधिकार मंत्री के रूप में कार्य किया।
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शिरीन मजारी ने 12 मई के बाद से चौथी बार गिरफ्तारी के बाद रिहा होने के बाद सक्रिय राजनीति से अपने इस्तीफे और सेवानिवृत्ति की घोषणा की, जब उन्हें 9 मई को हुई हिंसा के सिलसिले में पुलिस द्वारा उनके आवास से उठाया गया और जेल भेज दिया गया। मजारी को एक अदालत के आदेश पर जेल से रिहा किए जाने के कुछ घंटे बाद सोमवार को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। लाहौर हाईकोर्ट की रावलपिंडी पीठ ने किसी अन्य मामले में मजारी की आवश्यकता न होने पर अधिकारियों को उन्हें रिहा करने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट से बोले इमरान- आप हमारी आखिरी उम्मीद
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने पत्रकारों से कहा कि देश का सुप्रीम कोर्ट हमारी आखिरी उम्मीद है। लाहौर के जमान पार्क स्थिति अपने घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जजों, मुल्क आपकी ओर देख रहा है। आपकी एकता लोगों के लिए बेहद खास है। अब ये आपके ऊपर है कि मुल्क और लोकतंत्र को बचाने के लिए कदम उठाएं क्योंकि पाकिस्तान बनाना रिपब्लिक बन गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के साथ बातचीत के लिए वह कमेटी का गठन करेंगे और इस कमेटी की घोषणा गुरुवार को की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं कमेटी बना रहा हूं और दो बातें कह रहा हूं। वे (सरकार) कमेटी को बताएं कि उनके पास समाधान है और देश मेरे बिना चल सकता है या फिर वे कमेटी को यह बताएं कि अक्तूबर में देश में चुनाव कराने से क्या लाभ होगा। इमरान ने कहा, क्या वे देख नहीं पा रहे हैं कि पाकिस्तान डूब रहा है। लोग अपने डॉलर बेच रहे हैं और सरकार करदाताओं का पैसा सिर्फ ब्याज चुकाने में खर्च कर रही है।
उन्होंने पाकिस्तान ने सरकार और सेना पर आरोप लगाया कि पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी (पीटीआई) को प्रतिबंधित कर राजनीति से दूर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे कम से कम 10 हजार लोगों को पकड़ लिया गया है और उन्हें दड़बे जैसी जगहों में रखा गया है। उन पर अत्याचार किए जा रहे हैं। उन्हें वकीलों से भी नहीं मिलने दिया जा रहा। हमारे नेताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है और बचने का एक ही जादुई मंत्र है, 'मैं पीटीआई छोड़ रहा हूं।'
उन्होंने कहा कि शीरीन मजारी जैसी नेता का राजनीति छोड़ना पाकिस्तान के लिए नुकसानदेह है। शीरीन 72 साल की हैं, ब्लडप्रेशर की मरीज हैं। उन्हें एक जेल से दूसरे जेल में डाला जा रहा है। मुझे इस बात से राहत मिली कि इस स्थिति से बचने के लिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी। इमरान ने आरोप लगाया कि उनके घर का इंटरनेट बंद कर दिया गया है ताकि वह अपनी बात जनता तक न पहुंचा सकें। उन्होंने पूछा देश के मानवाधिकार कार्यकर्ता कहां हैं? जो लोग प्रेस की स्वतंत्रता का दम भरते थे वे कहां हैं? आपकी अंतरआत्मा कहां है?
इमरान ने कहा कि लाहौर में सेना के कोर कमांडर के घर हुए हमले का फायदा उठाकर पीटीआई पर कहर ढाया जा रहा है। देश के इतिहास में पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया। उन्होंने पूरे नेतृत्व को जेल में डाल दिया है। उन्हें भी जो पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश की मीडिया में एकतरफा प्रोपगंडा चल रहा है। हमारे लोग डरे हुए हैं और मीडिया के सामने नहीं आना चाहते कि कहीं उन्हें भी जेल में न बंद कर दिया जाए। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा, घरों में मत रहिए, कहीं छिप जाएं।