फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Imran Khan asks military to refrain from political engineering in next elections

इमरान की चेतावनी: आगामी चुनाव में पॉलिटिकल इंजीनियरिंग से दूर रहे सैन्य प्रतिष्ठान, बाजवा पर भी साधा निशाना

Mon, 09 Jan 2023 05:57 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 09 Jan 2023 05:57 PM IST
सार

इमरान खान ने आशंका व्यक्त की कि आम चुनावों में उनकी पार्टी को कमजोर करने के लिए 'पॉलिटिकल इंजीनियरिंग' की जाएगी। उन्होंने आग्रह किया कि सैन्य प्रतिष्ठान से ऐसी गलती करने से बचे। 

विज्ञापन
Imran Khan asks military to refrain from political engineering in next elections
इमरान खान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान में इस साल के अंत में आम चुनाव होने हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन पीडीएम और विपक्षी पीटीआई पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस बीच, अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान ने सेना से इन आम चुनावों से दूर रहने के लिए कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ही एकमात्र पार्टी है जो देश को मौजूदा आर्थिक संकट से बाहर निकाल सकती है। 

विज्ञापन


खान कराची के जमान पार्क स्थित आवास से वीडियो लिंक के जरिए महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एक बार बार फिर पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) कमर जावेद बाजवा पर निशाना साधा। क्रिकेटर से नेता बने खान ने बाजवा को उन्हें प्रधानमंत्री के पद से हटाने के साथ-साथ देश के सामने मौजूद राजनीतिक और आर्थिक संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया। 
विज्ञापन


70 वर्षीय नेता ने इस बात की आशंका व्यक्त की कि आम चुनावों में उनकी पार्टी को कमजोर करने के लिए 'पॉलिटिकल इंजीनियरिंग' की जाएगी। उन्होंने आग्रह किया कि सैन्य प्रतिष्ठान से ऐसी गलती करने से बचे। खान ने दावा किया, सैन्य प्रतिष्ठान ने अपनी पिछली गलतियों से कुछ भी नहीं सीखा है। आगामी चुनावों में मेरी पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए पॉलिटिकल इंजीनियरिंग की जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने आरोप लगाया कि सैन्य प्रतिष्ठान कराची में मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के विभिन्न गुटों को एकजुट करने और दक्षिण पंजाब से बलूचिस्तान आवामी पार्टी (बीएपी) के नेताओं को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) में भेजने के प्रयासों में शामिल थे, क्योंकि उन्हें उनकी पार्टी की राजनीतिक ताकत का डर था। 


उन्होंने सैन्य प्रतिष्ठान पर यह भी आरोप लगाया कि उसने पंजाब प्रांत में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) को सत्ता में लाने का भी प्रयास किया। 
 
नए सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और उनकी नीतियों को लेकर सतर्क रहने वाले खान ने कहा, हमारे सैन्य प्रतिष्ठान ने पहले ही देश को इतना नुकसान पहुंचाया है.. लेकिन अब भी वह अतीत से कुछ भी सीखने को तैयार नही है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि जनरल मुनीर के अधीन सेना तटस्थ रहेगी। 

जनरल (सेवानिवृत्त) बाजवा के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए खान ने कहा, पूर्व सेना प्रमुख देश के संकट के लिए जिम्मेदार थे। खान ने कहा, इस आदमी ने पाकिस्तान को संकट में डाल दिया। मैंने उनसे (पिछले अप्रैल मेरी सरकार को हटाने से पहले) कहा था कि पीटीआई सरकार को कमजोर करना देशहित में नहीं होगा। बाजवा ने राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए पाकिस्तान को बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा, केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही देश को संकट से बाहर निकाल सकते हैं। 

इमरान खान को अप्रैल में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से बेदखल किया गया था। इसके बाद से उनमें और बाजवा के बीच टकराव चल रहा है। 

नए सैन्य नेतृत्व ने जासूसी के दोषी सेवानिवृत्त जनरल को माफी दी पाकिस्तान के नए सैन्य नेतृत्व ने विदेशी जासूसों को गोपनीय जानकारी देने के दोषी एक सेवानिवृत्त जनरल को माफी देते हुए जेल से रिहा कर दिया। एक मीडिया रिपोर्ट में सोमवार को यह जानकारी दी गई है। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जावेद इकबाल के वकील के हवाले से कहा गया कि उनकी योजना उन्हें दोषी ठहराने के सैन्य न्यायाधिकरण के फैसले को दी गई चुनौती जारी रखने की है, जब तक कि उन्हें सम्मानजनक तरीके से बरी नहीं कर दिया जाता। देश के नए सैन्य नेतृत्व ने उनके मामले की समीक्षा की और इकबाल को 29 दिसंबर को रावलपिंडी की अदियाला जेल से रिहा कर दिया गया।  


नए सैन्य नेतृत्व ने जासूसी के दोषी सेवानिवृत्त जनरल को माफी दी
पाकिस्तान के नए सैन्य नेतृत्व ने विदेशी जासूसों को गोपनीय जानकारी देने के दोषी एक सेवानिवृत्त जनरल को माफी देते हुए जेल से रिहा कर दिया। एक मीडिया रिपोर्ट में सोमवार को यह जानकारी दी गई है। लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जावेद इकबाल के वकील के हवाले से कहा गया कि उनकी योजना उन्हें दोषी ठहराने के सैन्य न्यायाधिकरण के फैसले को दी गई चुनौती जारी रखने की है, जब तक कि उन्हें सम्मानजनक तरीके से बरी नहीं कर दिया जाता। देश के नए सैन्य नेतृत्व ने उनके मामले की समीक्षा की और इकबाल को 29 दिसंबर को रावलपिंडी की अदियाला जेल से रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed