पाकिस्तान में चरम पर महंगाई: ...तो क्या गिरेगी इमरान खान की सरकार! समय से पहले उठने लगी आम चुनाव की मांग
बढ़ती महंगाई की वजह से पाकिस्तान में रोजमर्रा की चीजों ईंधन और अन्य सामान की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। महंगाई को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है और देशभर में कई रैलियां की हैं।
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पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई की वजह से रोजमर्रा की चीजों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। विपक्षी पार्टियां लगातार सरकार की आलोचना कर रही हैं और इमरान सरकार के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान का नाम सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाले दुनिया के 10 देशों में शामिल हो गया है। इमरान खान की सरकार महंगाई पर काबू करने में पूरी तरह विफल दिख रही है। आलम यह है कि समय से पहले आम चुनाव कराए जाने की मांग उठने लगी है। इमरान खान की सरकार के अहम सहयोगी दल ने भी समय से पहले आम चुनाव कराए जाने की मांग कर दी है।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (MQM-P) इमरान सरकार की अहम सहयोगी पार्टी है। पार्टी के संयोजक डॉक्टर खालिद मकबूल सिद्दीकी ने महंगाई पर जोर देते हुए कहा है कि उनकी पार्टी ने इमरान सरकार का समर्थन लोकतंत्र के चलते किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिद्दीकी की बातों से साफ संकेत मिलते हैं कि वह पीटीआई के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से अपने रास्ते अलग कर सकते हैं।
वहीं, इससे पहले शुक्रवार को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के मुखिया शहबाज शरीफ ने भी यह कहा था कि देश में फिर से आम चुनाव कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, 'सिर्फ निष्पक्ष और तुरंत चुनाव कराकर ही देश को वापस पटरी पर लाया जा सकता है।' बढ़ती महंगाई के चलते पाकिस्तान में दैनिक जरूरतों, ईंधन और अन्य चीजों की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। महंगाई को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है और देशभर में कई रैलियां की हैं।