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हंगरी: बुडापेस्ट में हजारों लोगों ने किया दासता कानून का विरोध, लगाए प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे
Mon, 17 Dec 2018 03:38 PM IST
Trainee Trainee
एएफपी, बुडापेस्ट
एएफपी, बुडापेस्ट
Published by: Trainee Trainee
Updated Mon, 17 Dec 2018 03:38 PM IST
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Protest in Budapest
- फोटो : CNN
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हंगरी सरकार द्वारा हाल ही में पारित एक नए दासता कानून के खिलाफ हजारों लोगों ने रविवार को रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ग्रेनेड फेंके। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उन लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़े।
प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान की सरकार ने नए को पारित किया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, 15,000 से ज्यादा लोगों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया। वर्ष 2010 में ओरबान के सत्ता में लौटने के बाद से देश में पहली बार रैली हुई है।
यूनियनों और विपक्षी दलों ने इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया था। इस कानून के मुताबिक, सालाना काम के घंटों में वृद्धि की गई है, जिसके तहत नियोक्ता अपने कर्मचारियों के साथ 250 से 400 घंटे तक अतिरिक्त काम करा सकता है और कर्मचारियों को भुगतान करने में तीन साल तक की देरी कर सकता है।
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इस पर सरकार का कहना है कि श्रमशक्ति की कमी से जूझ रहे नियोक्ताओं और कंपनियों को इसकी जरूरत है तथा इससे उन लोगों को लाभ होगा जो अतिरिक्त समय तक काम कर वेतन से अधिक धन कमाना चाहते हैं।
रविवार को प्रदर्शनकारियों ने पार्लियामेंट स्क्वायर तक रैली निकाली। इस दौरान लोग ओरबान सत्ता छोड़ो का नारा लगाते रहे।
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प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान की सरकार ने नए को पारित किया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, 15,000 से ज्यादा लोगों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया। वर्ष 2010 में ओरबान के सत्ता में लौटने के बाद से देश में पहली बार रैली हुई है।
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यूनियनों और विपक्षी दलों ने इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया था। इस कानून के मुताबिक, सालाना काम के घंटों में वृद्धि की गई है, जिसके तहत नियोक्ता अपने कर्मचारियों के साथ 250 से 400 घंटे तक अतिरिक्त काम करा सकता है और कर्मचारियों को भुगतान करने में तीन साल तक की देरी कर सकता है।
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इस पर सरकार का कहना है कि श्रमशक्ति की कमी से जूझ रहे नियोक्ताओं और कंपनियों को इसकी जरूरत है तथा इससे उन लोगों को लाभ होगा जो अतिरिक्त समय तक काम कर वेतन से अधिक धन कमाना चाहते हैं।
रविवार को प्रदर्शनकारियों ने पार्लियामेंट स्क्वायर तक रैली निकाली। इस दौरान लोग ओरबान सत्ता छोड़ो का नारा लगाते रहे।