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चीन में मानवाधिकारों पर गंभीर खतरा : रिपोर्ट
Wed, 15 Jan 2020 08:35 PM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 15 Jan 2020 08:35 PM IST
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चीन का झंडा
- फोटो : Social media
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मानवाधिकार निगरानी वॉच (एचआरडब्ल्यू) के निदेशक केनेथ रॉथ को चीन द्वारा हांगकांग में न घुसने देने के बाद उन्होंने अपनी वार्षिक समीक्षा रिपोर्ट को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में लांच कर दिया है। वर्ल्ड रिपोर्ट 2020 में चीन पर तीखा आकलन पेश करते हुए विदेशों में आलोचकों की आवाज को दबाने के लिए आर्थिक प्रभाव के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
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बता दें कि केनेथ रॉथ इसी रिपोर्ट को हांगकांग में पेश करना चाहते थे लेकिन चीन ने उनके हांगकांग एयरपोर्ट से बाहर आने पर ही रोक लगा दी थी। न्यूयॉर्क में अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए रॉथ ने कहा कि बीजिंग मानवाधिकारों की रक्षा के नाम पर आर्थिक व कूटनीतिक लाभ उठाने में भी जुटा है। वर्ल्ड रिपोर्ट 2020 दुनियाभर में मानवाधिकारों पर एचआरडब्ल्यू की 30वीं वार्षिक समीक्षा है, जिसमें 2018 के अंत से नवंबर 2019 तक 100 से अधिक देशों के प्रमुख मुद्दों का सारांश है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग की चीन सरकार घरेलू मानवाधिकार सक्रियता को अपने अस्तित्व पर खतरा मानती है। यही नहीं, चीन विदेशों में भी अपनी आलोचना को सेंसर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल वैश्विक अधिकार तंत्र को कमजोर करने में करता है। वह शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों पर भी सख्त कार्रवाई कर रहा है।
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चीन ने रिपोर्ट को मनगढ़ंत बताया
एचआरडब्ल्यू की रिपोर्ट पर संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजनयिक ने केनेथ रॉथ की आलोचना करते हुए रिपोर्ट को पूर्वाग्रह से युक्त और मनगढ़ंत करार दिया है। चीन ने कहा, बीजिंग ने रिपोर्ट की सामग्री को खारिज कर दिया है और कहा है कि एचआरडब्ल्यू ने इस बात का जिक्त्रस् नहीं किया है कि चीन ने कैसे 70 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का काम किया है।