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श्रीलंका सरकार की नजरों से इस तरह बचा रहा मास्टरमाइंड जहरान हाशिम का कट्टरपंथी झुकाव
Sat, 27 Apr 2019 07:35 PM IST
Gaurav Pandey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sat, 27 Apr 2019 07:35 PM IST
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जहरान हाशिम और आत्मघाती हमलावर
- फोटो : सोशल मीडिया
ईस्टर के मौके पर जब पूरा श्रीलंका एक के बाद हुए एक धमाकों से दहल गया, इसके कुछ ही घंटों बाद एक वीडियो बड़े स्तर पर प्रसारित किया गया जिसमें एक टोपी पहने हुए एक दाढ़ी वाला व्यक्ति जहर उगल रहा था। जल्द ही पूरी दुनिया को पता चल गया कि जहरान हाशिम इस हमले का मास्टरमाइंड था जिसमें 253 लोगों की जान चली गई और तरीब 500 लोग घायल हुए। अब श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जहरान उन आठ आत्मघाती हमलावरों में से एक था जिन्होंने इस अमानवीय हमले को अंजाम दिया।
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वीडियो में जहरान श्रीलंकाई लहजे में तमिल में कह रहा है, आस्था मनुष्यों को तीन प्रकारों में बांटती है- इनमें एक मुस्लिम है, दूसरे वह हैं जो मुस्लिमों के साथ हैं और तीसरे वह हैं जिन्हें मार दिया जाना चाहिए। कई लोग यह कहने में डरते हैं। जब इस बात को उठाया जाता है तो कुछ लोग इसे आतंकवाद कहने लगते हैं। इस्लाम के समर्थन में नहीं होने वाले किसी भी शख्स को मार देना चाहिए।'
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कोलंबो से करीब तीन सौ किलोमीटर दूर स्थित बट्टीकलोआ जिले के कट्टनकुडी में एक तटीम मुस्लिम परिवार में जन्मा जहरान हाशिम एक कट्टरपंथी नेता था। उसके कट्टरपंथी झुकाव को श्रीलंका सरकार पहचान नहीं पाई। उसके उग्रवादी उपदेश और सोशल मीडिया पर इस्लामिक स्टेट को खुले समर्थन से हजारों की संख्या में समर्थकों का ध्यान उसकी ओर आकर्षित किया, इनमें से अधिकतर युवा थे।
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श्रीलंका मुस्लिम काउंसिल के उपाध्यक्ष हिलमी अहमद ने अंग्रेजी समाचार वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, 'हमने 2015 में जहरान के घृणात्मक भाषणों की शिकायत खुफिया एजेंसियों से की जब हमें पता चला कि उसके वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं।'
दिसंबर 2018 में जब जहरान ने मावनाल्ला में कुछ बौद्ध मंदिरों को नुकसान पहुंचाया तो हमने इस मुद्दे को फिर श्रीलंका के अधिकारियों के सामने रखा। अहमद ने कहा कि उसके साथ कई युवा थे जिन्हें कुरान की शिक्षाएं देने के बहाने कट्टरपंथी बना दिया गया था।
2017 में बौद्ध मंदिरों पर हमलों के बाद श्रीलंका के अधिकारियों का ध्यान जहरान हाशिम की ओर गया। सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो और तस्वीरों में वह सात मुखौटा पहने लोगों के साथ नजर आ रहा था, जिन्हें श्रीलंका सरकार ने आत्मघाती हमलावर घोषित किया।
कट्टनकुडी में जहां वह बड़ा हुआ, उसके परिजनों और नेशनल तौहीद जमात के उसके पुराने साथियों ने उसे त्याग दिया है। नेशनल तौहीद जमात का अध्यक्ष होने का दावा करने वाले तौफीक मौलवी ने कहा, 'हम वह श्रीलंका के सरकार के खिलाफ गया था तो हमने उसे पार्टी से बाहर कर दिया था।' तौफीक ने आगे कहा, 'जो लोगों की, महिलाओं की, बच्चों की हत्या करते हैं वह मुसलमान नहीं हैं।'