हांगकांग में प्रत्यर्पण बिल पर प्रदर्शन जारी, पुलिस को करना पड़ा लाठी चार्ज
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हांगकांग में प्रत्यर्पण बिल को पूरी तरह वापस लेने की मांग जोर पकड़ रही है। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने सरकारी मुख्यालय के सामने छद्म कफन के साथ कैरी लाम की शवयात्रा निकाली तो आज भी चीनी शहर शेंग शुई शहर में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारी मात्रा में शुल्क मुक्त सामान खरीदने वाले चीनी बिचौलियों का विरोध किया। इस विरोध प्रदर्शन में हाथापाई और धक्का-मुक्की हुई, इसको लेकर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने मिर्ची स्प्रे और बैटन-चार्ज कर उन्हें वापस धकेला।
बता दें कि हांगकांग की नेता लाम इस बिल के निरस्त होने का दावा कर चुकी हैं। बावजूद इसके प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वह लोगों को अपने शब्दों के जाल में उलझा रही हैं। इससे पहले शुक्रवार को शवयात्रा में शामिल लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता लिउंग क्वोक हंग ने कहा, 'अगर लाम वाकई चाहती हैं कि देश आगे बढ़े तो उन्हें प्रत्यर्पण कानून प्रस्तावित करने के लिए माफी मांगनी होगी और बिल को आधिकारिक तौर पर वापस लेना होगा। उन्हें सच स्वीकारते हुए अपना पद भी त्याग देना चाहिए।' इस बिल में संदिग्धों और अपराधियों को मुकदमे के लिए चीन प्रत्यर्पित करने का प्रावधान है।
इसे हांगकांग की स्वतंत्रता पर खतरा बताते हुए लाखों लोग सड़कों पर उतर आए थे। विरोध के दबाव में लाम ने जून में बिल को निलंबित कर दिया था। इसके बाद भी अब तक विरोध नहीं थमा। प्रदर्शनकारी बिल को रद्द किए जाने और लाम के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
क्या है ये कानून?
इस कानून के अनुसार अगर कोई व्यक्ति अपराध करके हांगकांग आ जाता है को उसे जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए चीन भेज दिया जाएगा। हांगकांग की सरकार इस मौजूदा कानून में संशोधन के लिए फरवीर में प्रस्ताव लाई थी। कानून में संशोधन का प्रस्ताव एक घटना के बाद लाया गया। जिसमें एक व्यक्ति ने ताइवान में अपनी प्रमिका की कथित तौर पर हत्या कर दी और हांगकांग वापस आ गया।
हांगकांग की अगर बात की जाए तो यह चीन का एक स्वायत्त द्वीप है। चीन इसे अपने संप्रभु राज्य का हिस्सा मानता है। वहीं हांगकांग की ताइवान के साथ कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है। जिसके कारण हत्या के मुकदमे के लिए उस व्यक्ति को ताइवान भेजना मुश्किल है।
अगर ये कानून पास हो जाता है तो इससे चीन को उन क्षेत्रों में संदिग्धों को प्रत्यर्पित करने की अनुमति मिल जाएगी, जिनके साथ हांगकांग के समझौते नहीं हैं। जैसे संबंधित अपराधी को ताइवान और मकाऊ भी प्रत्यर्पित किया जा सकेगा।