फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Hong Kong convicts 14 pro-democracy activists for subversion in the city's biggest national security case

हॉन्गकॉन्ग: 14 लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता दोषी करार; शहर के सबसे बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा मामले में फैसला

Thu, 30 May 2024 09:58 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हॉन्गकॉन्ग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हॉन्गकॉन्ग Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 30 May 2024 09:58 AM IST
सार

अभियोजन पक्ष ने इन समर्थकों पर हॉन्गकॉन्ग सरकार को पंगु बनाने और जरूरी बहुमत हासिल कर शहर के नेता को गिराने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। 
 

विज्ञापन
Hong Kong convicts 14 pro-democracy activists for subversion in the city's biggest national security case
कोर्ट का फैसला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हॉन्गकॉन्ग में एक बार फिर कई लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं को दोषी ठहराया गया है। हॉन्गकॉन्ग की एक अदालत ने बीजिंग द्वारा लागू कानून के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा के सबसे बड़े मामले में गुरुवार को 14 लोकतंत्र समर्थकों को दोषी करार दिया।

विज्ञापन


इन लोगों को ठहराया दोषी
बता दें, जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है उनमें पूर्व सांसद लेउंग वोक-हंग, लैम चेउक-टिंग, हेलेना वोंग और रेमंड चैन शामिल हैं। दोषी ठहराए गए लोगों को उम्रकैद की सजा का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, सरकार द्वारा गठित तीन न्यायाधीशों की समिति ने पूर्व जिला काउंसलर ली यू-शून और लॉरेंस लाउ को बरी कर दिया। 
विज्ञापन


क्या था मामला?
साल 2021 में एक अनौपचारिक प्राथमिक चुनाव में शामिल पाए जाने के लिए 47 लोकतंत्र समर्थकों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया था। अभियोजन पक्ष ने इन समर्थकों पर हॉन्गकॉन्ग सरकार को पंगु बनाने और जरूरी बहुमत हासिल कर शहर के नेता को गिराने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विपक्ष को कुचलने के लिए सुरक्षा कानून का इस्तेमाल किया जा रहा
बता दें, चीन ने साल 2019 में हॉन्गकॉन्ग में महीनों चले सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद संशोधित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किया था। पर्यवेक्षकों ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि वर्ष 2019 में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद विपक्ष को कुचलने के लिए कैसे सुरक्षा कानून का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि बीजिंग और हॉन्गकॉन्ग की सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि इस कानून ने शहर में स्थिरता वापस लाने में मदद की है और न्यायिक स्वतंत्रता की रक्षा की जा रही है।

पर्यवेक्षकों का कहना है कि वर्ष 2020 में इस कानून के लागू होने के बाद से हॉन्गकॉन्ग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर अभिव्यक्ति और सभाएं करने की आजादी को काफी हद तक सीमित कर दिया है।


देश छोड़ने के लिए मजबूर
गौरतलब है, ब्रिटेन ने 1997 में हॉन्गकॉन्ग को चीन को वापस सौंप दिया था। उस समय बीजिंग ने 50 वर्षों तक शहर की पश्चिमी शैली की नागरिक स्वतंत्रता को बनाए रखने का वादा किया था। हालांकि, 2020 के कानून की शुरुआत के बाद से हॉन्गकॉन्ग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विधानसभा को गंभीर रूप से सीमित कर दिया। इसके अलावा कानून के नाम पर कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, उन्हें चुप करा दिया गया या फिर देश छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed