USA: अमेरिका में हिंदू समुदाय के समर्थन में उतरे कई सांसद; जानें इसका हिंदूफोबिया और जाति विधेयक से क्या संबंध
America: अमेरिका के हिंदू संगठन CoHNA ने हिंदूफोबिया के नाम पर देश में बढ़ रही हिंसा पर चिंता जाहिर की है। इसके लिए संगठन ने कैपिटल हिल में एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया।
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उत्तरी अमेरिका में हिंदू संगठन (CoHNA) ने यूएस कैपिटल हिल में 'नेशनल हिंदू एडवोकेसी डे ऑन द हिल' नाम के एक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में हिंदू संगठन ने हिंदूफोबिया के नाम पर बढ़ती हिंसा और अमेरिका में हिंदुओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर चिंता जाहिर की। इस कार्यक्रम में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों सांसद शामिल हुए। इसके अलावा कार्यक्रम में सांसद रिच मैककॉर्मिक, भारतीय अमेरिकी आंत्रप्रेन्योर श्री थानेदार, जॉर्जिया के बडी कार्टर, थॉमस कीन और हैंक जॉनसन ने भी भाग लिया।
इस दौरान भारतीय अमेरिकी समुदाय के समर्थक माने जाने वाले मैककॉर्मिक ने अमेरिकी हिंदू समुदाय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में रहने वाले हिंदुओं ने देश और समाज के लिए बहुत योगदान दिया है, खासकर अपने निर्वाचन क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि 21 फरवरी को सिएटल ने भेदभाव-विरोधी कानून बनाया। इसके साथ ही वह जाति-आधारित भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला अमेरिकी शहर बन गया।
अमेरिका की प्रगति में हिंदुओं का योगदान अहम
मैककॉर्मिक ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा, 'मैं हर तरह की धमकी के खिलाफ मुखर रहा हूं। हम इन समस्याओं के खिलाफ सार्वजनिक और निजी तौर पर लोगों के सामने लाएंगे और इससे निपटने के लिए हर वे काम करेंगे, जिसकी जरूरत होगी। उन्होंने कहा, 'अमेरिका में हिंदू समुदाय ने अमेरिकी प्रगति, कल्याण और लोकतंत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, खासकर कोविड-19 महामारी के दौरान। इसके बावजूद समुदाय को का निशाना बनाया जा रहा है।'
सभी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार
वहीं, कार्यक्रम में शामिल हुए श्री थानेदार ने मंगलवार को कहा कि वह हिंदू समुदाय का समर्थन करने के लिए प्रोग्राम में शामिल हुए हैं। वह मानते हैं कि हर शख्स को बिना किसी खौफ के अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि किसी के लिए भी धार्मिक स्वतंत्रता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिंदू अमेरिकी छात्र, कार्यकर्ता और समुदाय के सदस्य देश के हर हिस्से में मौजूद हैं। इसके बावजूद यह हैरान करने वाला है कि हर चार अमेरिकियों में से केवल एक शख्स ही हिंदू को जानता है।
अमेरिका में जाति की एंट्री
सिडनी यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर साल्वाटोर बोबोनस ने एएनआई को बताया कि भारतीय यह जानकर दंग रह जाएंगे कि अमेरिकी समाज में भी जाति शब्द आ गया है। हालांकि, मेरा मतलब जातिगत हिंसा से नहीं है, बल्कि जाति के राजनीतिकरण से है। उन्होंने कहा कि भारतीय जातिगत आरक्षण के विवाद से अच्छी तरह से परिचित होंगे।
COHNA ने पहले भी आयोजित किए कार्यक्रम
बता दें कि CoHNA ने पिछले कई सालों में इस तरह के कई सभाएं आयोजित की हैं। इनमें अमेरिका में रहने वाले हिंदू समुदाय को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दों को उजागर किया गया है। CoHNA के सदस्य पुष्पिता प्रसाद का कहना है कि कैलिफोर्निया में जल्द ही एक कानून पारित होने वाला है। कानून पारित होने के बाद हम लोगों की प्रोफाइलिंग करेंगे ताकि उन्हें भेदभाव से बचाया जा सके।
अमेरिका में हिंदुओं की संख्या
2015 में प्यू द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका में 20 लाख 23 हजार हिंदू हैं। बता दें अमेरिका में ईसाई, यहूदी और मुसलमानों के बाद हिंदुओं की सबसे बड़ी जनसंख्या है। प्यू डेटा के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में किसी भी धर्म के मुकाबले हिंदू धर्म को सबसे अधिक मान्यता है।