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पर्यावरण बचाने को हेलसिंकी विश्वविद्यालय ने बीफ पर लगाई रोक, शाकाहार को दी जाएगी प्राथमिकता
Wed, 16 Oct 2019 10:11 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 16 Oct 2019 10:11 PM IST
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हेलसिंकी विश्वविद्यालय
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फिनलैंड में हेलसिंकी विश्वविद्यालय ने अपने कैफेटेरिया से बीफ हटाने का फैसला किया है। छात्रसंघ द्वारा चलाए जा रहे यूनिसेफ कैफेटेरिया ने एलान किया कि वह फरवरी 2019 से अपने दोपहर के भोजन से बीफ को हटा देगा। इसके अलावा सैंडविच और रोल से भी बीफ को हटा दिया जाएगा।
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यूनिसेफ के अनुसार, बीफ पर रोक लगाने से उसके भोजन से संबंधित कार्बन फुटप्रिंट में 11 प्रतिशत की कमी आएगी, जो सालाना 240,000 किलोग्राम CO2 कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर होता है। विश्वविद्यालय दिन में लगभग 11,000 लोगों को भोजन परोसता है, जिसमें 15 प्रतिशत मांस परोसा जाता है।
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यूनिसेफ की व्यापार संचालन निदेशक लीना ने कहा कि यह विचार कर्मचारियों के मन में तब आया जब हम अपने अगले सामाजिक कदम के बारे में सोच रहे थे। हमें एहसास हुआ कि यह कार्बन फुटप्रिंट में महत्वपूर्ण कटौती करने का एक तरीका होगा।
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बीफ को अन्य जानवरों के प्रोटीन जैसे चिकन, पोर्क और साथ में शाकाहारी विकल्पों से बदल दिया जाएगा। हेलसिंकी विश्वविद्यालय के कैफेटेरिया में दिन-प्रतिदिन के संचालन को संभालने वाली कंपनी यल्वा का लक्ष्य अगले वर्ष के अंत तक शाकाहारी और शाकाहारी भोजन की बिक्री को 50 प्रतिशत से अधिक करना है। जोकि अभी 40 फीसदी है।