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बेबस अमेरिका: खलील हक्कानी को पकड़ना तो दूर, छू भी न सकी विश्व की सबसे शक्तिशाली सेना

Sun, 22 Aug 2021 06:10 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला रिसर्च टीम, काबुल
अमर उजाला रिसर्च टीम, काबुल Published by: Kuldeep Singh Updated Sun, 22 Aug 2021 06:10 AM IST
सार

  • खलील हक्कानी को पकड़ना तो दूर, छू भी न सकी विश्व की सबसे शक्तिशाली सेना
  • खलील लोगों के बीच आया और काबुल की सड़कों पर नारा-ए-तकबीर लगाते हुए लोगों को उकसाता दिखा
  • अमेरिका ने 10 साल से 37.15 करोड़ का वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है

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Helpless America: terrorist Khaleel Haqqani rewarded with a reward of 37 crores close to the US army, is raising slogans
khalil al-rahman haqqani - फोटो : Twitter

विस्तार

अमेरिका का मोस्ट वांटेड आतंकी खलील हक्कानी अमेरिकी सेना से महज 8 किलोमीटर दूर काबुल में खुलेआम नारेबाजी करवाता रहा। विश्व की शक्तिशाली सेना के काबुल हवाई अड्डे पर बेबसी से खड़े रहे। हक्कानी नेटवर्क से जुड़े खलील के सिर पर अमेरिका ने 10 साल से 37.15 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा है।
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खलील हक्कानी को पकड़ना तो दूर, छू भी न सकी विश्व की सबसे शक्तिशाली सेना
खलील ने काबुल की सबसे बड़ी मस्जिद के इमाम से धार्मिक वार्तालाप किया। इसके बाद लोगों के बीच आया और काबुल की सड़कों पर नारा-ए-तकबीर लगाते हुए लोगों को भी ऐसा करने के लिए उकसाता दिखा। बताया जा रहा है कि उसने काबुल में जिहादी मुजाहिद्दीन नेता गुलबुद्दीन हिकमतयार से भी मुलाकात की। खलील को अमेरिका ने 9 फरवरी 2011 में एक आदेश निकाल कर बाकायदा विशेष दर्जे का वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था।
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मोस्ट वांटेड आतंकी काबुल में घुम रहा खुलेआम 
अमेरिका के सैनिकों के काबुल में होने पर भी खलील के खुलेआम घूमने के बावजूद उसे गिरफ्तार करने को अमेरिकी सेना की बेबसी के एक नए उदाहरण की तरह देखा जा रहा है। 
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हेलमेट, नाइट विजन से लैस विशेष साथ 
घटना के समय खलील के साथ विशेष तालिबानी दस्ते के वर्दीधारी सैनिक भी थे। एक वीडियो में ये सैनिक हेलमेट, नाइट विजन चश्मे और पेशेवर सैनिकों के सामान पहने हुए दिख रहे थे। खुद खलील अमेरिका में बनी एसॉल्ट राइफल लेकर चल रहा है। सैनिक भीड़ को हटा उसके लिए रास्ता बना रहे हैं।

खलील बोला, तालिबान देगा देश को सुरक्षा, पत्रकारों और महिलाओं को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं 
खलील ने कहा कि सुरक्षा तालिबानियों की प्राथमिकता है, सुरक्षा नहीं होगी तो जीवन नहीं होगा। वे ही देश को सुरक्षा देंगे। इसके बाद अर्थव्यवस्था, कारोबार और शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। कोई भेदभाव नहीं होगा। पत्रकारों और महिलाओं को डरने की कोई जरूरत नहीं है।


अलकायदा के लिए भी कर चुका है काम 
खलील कई नामों से जाना जाता है। उसका जन्म 1 जनवरी 1966 को हुआ था। अमेरिका द्वारा 'इंसाफ के लिए इनाम' नामक मिशन के तहत उसे वैश्विक आतंकी घोषित कर 50 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम रखा गया। संयुक्त राष्ट्र ने भी उसे वैश्विक आतंकी घोषित किया है।
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