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कोरोना महामारी के कारण घट गए हार्ट अटैक के मामले! धूम्रपान करने वालों की संख्या में भी आई गिरावट

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हेलसिंकी Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 11 Jun 2021 04:22 PM IST

सार

जानकारों ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान एक बड़ा बदलाव वर्क फ्रॉम होम का प्रचलित होना रहा। इससे लोगों के तनाव का स्तर घटा। लोग ट्रैफिक की चिंता, तैयार होने की जल्दबाजी आदि से बचे...
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फिनलैंड
फिनलैंड - फोटो : Agency (File Photo)

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विस्तार

फिनलैंड में कोरोना महामारी का एक अच्छा परिणाम देखने को मिला है। वहां पिछले साल दिल का दौरा पड़ने के मामलों में भारी गिरावट आई। डॉक्टरों ने कहा है कि इसकी वजह महामारी हो सकती है। हृदय रोग विशेषज्ञ मिका लेन ने टीवी चैनल यूरो न्यूज को बताया कि हेलसिंकी स्थित यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में अप्रैल और मई 2020 में दिल का दौरा पड़ने के मामले में 30 फीसदी कमी देखी गई। बाद में मिली सूचनाओं के मुताबिक देश के दूसरे हिस्सों में भी यही आंकड़ा देखने को मिला।
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लेन ने बताया- ‘जब हमने इसका अध्ययन शुरू किया, तो पाया कि लगभग यही परिघटना फिनलैंड के दूसरे इलाकों, दूसरे यूरोपीय देशों, और अमेरिका में भी देखने को मिली है। इसका मतलब हुआ कि कोरोना महामारी के दौरान ऐसा दुनियाभर में हुआ।’ अब फिनलैंड की सरकारी स्वास्थ्य संस्था- टीएचएल ने इस रूझान का विस्तार से अध्ययन शुरू किया है। लेन ने कहा कि कोरोन महामारी के दौरान लोगों ने अपनी जीवन शैली बदली। मुमकिन है कि उसके असर से दिल का दौरा पड़ने के मामले घटे हों।


जानकारों ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान एक बड़ा बदलाव वर्क फ्रॉम होम का प्रचलित होना रहा। इससे लोगों के तनाव का स्तर घटा। लोग ट्रैफिक की चिंता, तैयार होने की जल्दबाजी आदि से बचे। यूरोपियन यूनियन के साइंस हब रिसर्च सेंटर के एक अध्ययन के मुताबिक किसी दूसरे यूरोपीय देश की तुलना में फिनलैंड में ज्यादा संख्या में लोगों ने महामारी के दौरान अपने घर से काम किया। वहां तेजी से ये सिस्टम लागू कर दिया गया, जिससे लगभग 60 फीसदी कर्मी अपने घरों से ही काम करने लगे।

लेकिन फिनलैंड में यह भी देखा गया कि महामारी के दौरान रिटायर्ड लोगों को दिल का दौरा पड़ने के मामलों में भी कमी आई। विशेषज्ञों के मुताबिक इसलिए जो कमी दिखी, उसकी पूरी वजह ट्रैफिक से बचाव ही नहीं हो सकती। मिका लेन ने कहा- ‘हम जानते हैं कि कोरोना महामारी के दौरान बहुत से लोगों ने सिगरेट पीना छोड़ दिया, क्योंकि यह बताया गया था कि ऐसा करने वाले लोगों के लिए संक्रमण ग्रस्त होने का ज्यादा खतरा है। इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान शहरों में वायु प्रदूषण कम हुआ। इन सबकी भी भूमिका रही हो सकती है। आखिर प्रदूषित वायु के बीच सांस लेने से भी हृदय रोग का खतरा बढ़ता है।’

लेकिन कुछ जानकारों के मुताबिक कोरोना का हृदय रोगियों पर अच्छा असर नहीं हुआ। अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के जर्नल में इस साल जनवरी में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक महामारी के आरंभिक दिनों में आइसकेमिक हर्ट डिजीज और हाइपरटेंसिव हर्ट डिजीज के कारण अमेरिका के कुछ हिस्सों में मरने वालों की संख्या बढ़ी। आइसकेमिक हार्ट डिजीज में हृदय की धमनियां सिकुड़ जाती हैं। हालांकि इस अध्ययन में ये माना गया था कि कुछ मरीजों की मौत अस्पताल ना जाने की वजह से हुई हो सकती है।

लेकिन फिनलैंड में महामारी के किसी चरण में हृदय रोग के कारण मौतों की संख्या बढ़ने की बात सामने नहीं आई। मिका लेन के मुताबिक फिनलैंड में महामारी अब थम गई है, इसके बावजूद फिलहाल देश में हृदय रोगियों की संख्या पहले से पांच फीसदी कम है।

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