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Pakistan : पंजाब में हमजा फिर मुख्यमंत्री, इमरान को झटका, डिप्टी स्पीकर के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग
Sat, 23 Jul 2022 11:03 PM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, लाहौर।
एजेंसी, लाहौर।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 23 Jul 2022 11:03 PM IST
सार
पीएमएल-क्यू और पीटीआई के इलाही को सीएम पद का संयुक्त प्रत्याशी बनाने पर सहमत हुए।
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पाकिस्तान के कराची में शाहराह-ए-फैसल मार्ग पर प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : ANI
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विस्तार
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जोरदार झटका लगा है। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू) के सीएम पद प्रत्याशी परवेज इलाही प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पुत्र हमजा शहबाज से चुनाव हार गए। पंजाब के गवर्नर बलीघुर रहमान ने उन्हें शपथ दिलाई। उधर, विपक्षी दावेदार परवेज इलाही ने डिप्टी स्पीकर दोस्त मोहम्मद मजारी के विवादित निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर मजारी और हमजा को नोटिस जारी किया है।
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इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हमजा शहबाज को सोमवार को फिर से शुरू होने वाली सुनवाई तक पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री के ट्रस्टी के रूप में बने रहने की अनुमति दी, लेकिन इस अवधि के दौरान राजनीतिक लाभ के लिए अपनी शक्तियों का उपयोग करने से उन्हें रोक दिया। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल, न्यायमूर्ति इजाजुल अहसन और न्यायमूर्ति मुनीब अख्तर की तीन सदस्यीय पीठ ने शनिवार को मामले की सुनवाई की। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया कि हमजा सोमवार तक एक ट्रस्टी मुख्यमंत्री के रूप में काम करना जारी रखेंगे, यह कहते हुए कि उन्हें समय अवधि के दौरान संविधान और कानून के अनुसार काम करना चाहिए, और राजनीतिक लाभ के लिए अपनी शक्तियों का उपयोग नहीं करना चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद ही पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री का चुनाव दोबारा हुआ था। वहीं ताजा जानकारी के मुताबिक इसे लेकर कराची में विराेध-प्रदर्शन तेज हो गया है, विपक्षी पार्टी के समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं।
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सारा खेल किया, विधानसभा की कार्यवाही का संचालन कर रहे डिप्टी स्पीकर दोस्त मोहम्मद मजारी ने। उन्होंने इलाही की अपनी ही पार्टी के 10 वोट नहीं गिने जाने की व्यवस्था दे डाली। हालत यह रही कि इलाही खुद को ही वोट नहीं दे पाए।
मजारी की ओर से घोषित अंतिम परिणाम के मुताबिक, हमजा ने 179 और इलाही ने 176 वोट हासिल किए। इससे पूर्व डिप्टी स्पीकर ने पीएमएल-क्यू अध्यक्ष हुसैन का पत्र पढ़कर सुनाया। इसमें उन्होंने कहा, पार्टी अध्यक्ष होने के नाते मैं अपने सभी विधायकों को हमजा के पक्ष में वोट करने का निर्देश देता हूं। मजारी ने बाद में कहा, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, पीएमएल-क्यू के वोटों की गिनती नहीं होगी। अहम बात यह कि परवेज इलाही पार्टी के विधायक दल के नेता हैं।
डिप्टी स्पीकर ने तर्क मानने से किया इनकार
पीटीआई सदस्य राजा बशारत ने इलाही के पक्ष में कई तर्क रखे, लेकिन डिप्टी स्पीकर ने उन्हें मानने से इनकार कर दिया। बशारत संविधान की प्रति लेकर आए थे। डिप्टी स्पीकर ने कह दिया, हाल में हुए फैसले में सर्वोच्च न्यायालय इस पर स्पष्ट व्यवस्था दे चुका है।
हुसैन से मिले थे पीपीपी के सहअध्यक्ष जरदारी
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सहअध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने एक दिन पहले पीएमएल-क्यू नेता हुसैन से मुलाकात की थी। उस समय हुसैन ने कहा था कि ऐसा कोई पत्र जारी करने का सवाल ही नहीं उठता। पीएमएल-क्यू और पीटीआई के इलाही को सीएम पद का संयुक्त प्रत्याशी बनाने पर सहमत हुए।
मजारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, विरोध-प्रदर्शन तेज
पंजाब विधानसभा की कार्यवाही का संचालन कर हमजा शहबाज को मुख्यमंत्री बनाने वाले डिप्टी स्पीकर दोस्त मोहम्मद मजारी के खिलाफ अब बड़ा विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया है। तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारी कराची की शाहराह-ए-फैसल मार्ग पर इकट्ठा हुए हैं और जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पीटीआई के प्रमुख नेता इमरान खान ने बीती रात लोगों से जोरदार प्रदर्शन करने की अपील की थी।
इमरान ने कहा कि मैं पंजाब विधानसभा में हमजा की जीत पर हैरान हूं। अब जनता सुप्रीम कोर्ट की ओर देख रही है। संसद में नैतिकता की ताकत होती है, सेना की नहीं, लोकतंत्र नैतिकता पर टिका होता है। प्रदर्शन में शामिल एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि मैं 72 साल की हूं लेकिन मैं हर बैठक में जाती हूं, जो भी ईमानदार होगा वह इमरान खान के साथ होगा। पंजाब में आज जो हुआ, उससे मैं बहुत निराश हूं। लोगों का जनादेश चुरा लिया गया। देखना ये लोग मुंह की खाएंगे।