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Qatar: ‘युद्ध विराम और गाजा से इस्राइली सैनिकों की वापसी के लिए डालें दबाव’, हमास ने अमेरिका से की अपील

Thu, 13 Jun 2024 08:51 AM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दोहा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दोहा Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 13 Jun 2024 08:51 AM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के युद्ध विराम प्रस्ताव को बढ़ावा देने के लिए ब्लिंकन अंतिम दिन कतर की राजधानी दोहा पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि अमेरिका सौदे को लागू करने के लिए क्षेत्रीय भागीदारों के साथ काम करेगा।

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US Secretary of State Anthony Blinken promote ceasefire deal between Israel Hamas in Qatar capital Doha
एंटनी ब्लिंकन - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

इस्राइल और हमास के बीच लंबे समय से युद्ध जारी है। अमेरिकी विदेश मंत्री इन दिनों मध्य पूर्व के दौरे पर थे। दौर के आखिरी दिन उन्होंने कहा कि फलस्तीनी क्षेत्र में भयंकर लड़ाई चल रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि गाजा में संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई का समझौता अब भी संभव है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, एक दिन पहले ही इस्राइल ने लेबनान के आंतकी समूह हिजबुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर को मौत के घाट उतार दिया, जिसके बाद उत्तरी इस्राइल पर हिजबुल्लाह रॉकेट की बारिश कर रहा है।

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हमास ने इस्राइल पर दबाव डालने का किया आग्रह
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के युद्ध विराम प्रस्ताव को बढ़ावा देने के लिए ब्लिंकन अंतिम दिन कतर की राजधानी दोहा पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि अमेरिका सौदे को लागू करने के लिए क्षेत्रीय भागीदारों के साथ काम करेगा। हमास ने मंगलवार देर रात  मध्यस्थ कतर और मिस्र को अपना जवाब प्रस्तुत किया। हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ओसामा हमदान ने कहा कि हम गाजा में स्थायी युद्ध विराम और इस्राइली सैनिकों की पूर्ण वापसी चाहते हैं पर इस्राइल ने अस्वीकार कर दिया है। हमास ने ब्लिंकन से आग्रह किया है कि वे इस्राइल पर दबाव डालें। इसके अलावा, अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने कहा कि हमास की कई मांगे मामूली नहीं है और उनकी मांगे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पास प्रस्ताव से अलग है।  

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सुरक्षा परिषद में पहला प्रस्ताव पास
बता दें, 10 जून को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से संघर्ष विराम योजना का समर्थन किया और अपने पहले प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह प्रस्ताव अमेरिका ने पेश किया था, जो 14-0 से पास हो गया। मतदान के दौरान रूस वहां उपस्थित नहीं था। इस दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि इस्राइल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। अमेरिका ने हमास से आह्वान किया था कि वह भी प्रस्ताव को स्वीकार करे। प्रस्ताव पर अमेरिका ने कहा कि यह इस्राइल और हमास बिना किसी शर्त के प्रस्ताव की शर्तों को पूरी तरह से लागू करें। 

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हमास ने प्रस्ताव का किया स्वागत
हमास ने सोमवार को प्रस्ताव किया। हमास ने कहा था कि वे प्रस्ताव के सिद्धांतों को लागू करने के लिए मध्यस्थों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं। हमास ने कहा था कि वह उन सिद्धांतों को लागू करने के लिए अप्रत्यक्ष बातचीत करने के लिए तैयार है, जो उनकी मांगों के अनुरूप हैं। हमास ने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में शामिल उन सभी बातों का स्वागत किया है, जिसमें गाजा में स्थायी युद्ध विराम, पूर्ण वापसी, कैदियों की अदला-बदली, पुनर्निर्माण, विस्थापितों को उनके निवास क्षेत्रों में वापस भेजना और आवश्यक सहायता देने सहित कई सिद्धांत शामिल हैं।

सात अक्तूबर से जारी है युद्ध
गौरतलब है कि सात अक्तूबर की सुबह हमास द्वारा करीब 5000 रॉकेट इस्राइली शहरों पर दागे गए थे. जिसके बाद से दोनों पक्षों में युद्ध जारी है। इस्राइल ने इस हमले को आंतकी हमला करार दिया है। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कमस खाई है कि वह जब तक हमास को पूर्ण रूप से खत्म नहीं कर देते, तब तक वे युद्ध विराम नहीं करेंगे। गाजा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस्राइली हमलों में 36,700 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो गई है। वहीं, 80 हजार से अधिक लोग घायल हैं। इनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं। 80% आबादी विस्थापित हो गई है और सैकड़ों हजारों लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।

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