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Israel-Hamas Ceasefire: 'हमास को अब सभी बंधकों को रिहा करना होगा', जानें अमेरिकी विदेश मंत्री ने ऐसा क्यों कहा
Sun, 09 Feb 2025 08:36 AM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 09 Feb 2025 08:36 AM IST
सार
US: इस्राइल-हमास युद्धविराम समझौते के तहत तीन इस्राइली बंधक अपने वतन लौट गए हैं। वहीं उनकी वापसी को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा था - हमास को सभी बंधकों को तुरंत रिहा करना चाहिए!
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मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख को दोहराते हुए मांग की कि हमास सभी बंधकों को तुरंत रिहा करे। मार्को रुबियो ने अपने पोस्ट में लिखा - 490 दिनों तक कैद में रहने के बाद, एली, ओर और ओहद आखिरकार इस्राइल में अपने घर पहुंच गए हैं। राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा था - हमास को सभी बंधकों को तुरंत रिहा करना चाहिए!
उनकी टिप्पणी तब आई जब इस्राइल ने युद्ध-विराम के हिस्से के रूप में हमास की तरफ से रिहा किए गए तीन बंधकों की वापसी की पुष्टि की। शनिवार को पहले, इस्राइल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने घोषणा की कि तीन बंधकों - ओहद बेन अमी, एली सराबी और ओर लेवी - को रेड क्रॉस को सौंप दिया गया था, जिसने उन्हें इस्राइली क्षेत्र में पहुंचाया। आईडीएफ और शिन बेट बलों ने आने पर उन्हें प्रारंभिक चिकित्सा जांच के लिए ले गए।
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ट्रंप के एलान के बाद हमास की प्रतिक्रिया
वहीं टाइम्स ऑफ इस्राइल ने बताया कि हमास ने उनकी रिहाई से पहले एक सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें बंधकों को एक प्रचार प्रदर्शन में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया। इस समारोह के दौरान, एक नकाबपोश हमास ऑपरेटिव ने भाषण दिया, जबकि तीन बंदियों को प्रमाण पत्र पकड़े हुए मंच पर परेड किया गया था। उनके पीछे, अरबी, हिब्रू और अंग्रेजी में बैनर थे: 'हम हैं बाढ़, युद्ध का अगला दिन'। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हाल ही में की गई घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका गाजा पर कब्जा करेगा।
अपनों से मिलकर खुश और चिंतित दिखे परिजन
वहीं बंधकों की वापसी के बाद परिजन उनकी हालत देखकर काफी चिंतित नजर आए। इस दौरान ओहद बेन अमी की मां, मिशल कोहेन ने अपने बेटे को कमजोर और उम्र से ज्यादा बूढ़ा देखकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। ओर लेवी के भाई, ताल लेवी ने भी अपने भाई की दुर्बल स्थिति पर चिंता जताई, लेकिन सभी बंधकों को घर वापस लाने के लिए निरंतर प्रयास करने के महत्व पर जो दिया।
183 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा इस्राइल
बता दें कि, इस समझौते के हिस्से के रूप में, इस्राइल ने नेगेव में केजियोट जेल और वेस्ट बैंक में ओफर जेल से 183 फलस्तीनी सुरक्षा कैदियों को रिहा करने की तैयारी की है। इस समूह में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 18 कैदी शामिल हैं, जिनमें से सात को निर्वासन के लिए रखा गया है। 183 बंदियों में से 111 को गाजा में चल रहे युद्ध के दौरान गिरफ्तार किया गया था, जबकि बाकी 72 पश्चिमी तट और पूर्वी येरुशलम से हैं।
गाजा से वापस बैंकॉक लौटे थाई बंधक
गाजा में एक साल से अधिक समय तक बंधक रहने के बाद रिहा हुए पांच थाई कर्मचारी रविवार को बैंकॉक पहुंचे। इसमें सरुसाक रुमनाओ, वाचरा श्रीआउन, साथियन सुवन्नाखम, पोंगसाक थाएना और बन्नावत सैथाओ को 30 जनवरी को एक एक्सचेंज व्यवस्था के तहत रिहा किया गया। युद्ध शुरू होने के बाद से रिहा किए गए थाई बंधकों का यह दूसरा समूह था। इससे पहले नवंबर 2023 में पहले युद्ध विराम के दौरान कतर और ईरान की सहायता से थाईलैंड और हमास के बीच हुए एक समझौते के तहत 23 थाई नागरिकों को रिहा किया गया था।
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After 490 harrowing days in captivity, Eli, Or, and Ohad are finally home in Israel. @POTUS was clear – Hamas MUST release ALL hostages NOW!
— Secretary Marco Rubio (@SecRubio) February 8, 2025
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उनकी टिप्पणी तब आई जब इस्राइल ने युद्ध-विराम के हिस्से के रूप में हमास की तरफ से रिहा किए गए तीन बंधकों की वापसी की पुष्टि की। शनिवार को पहले, इस्राइल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने घोषणा की कि तीन बंधकों - ओहद बेन अमी, एली सराबी और ओर लेवी - को रेड क्रॉस को सौंप दिया गया था, जिसने उन्हें इस्राइली क्षेत्र में पहुंचाया। आईडीएफ और शिन बेट बलों ने आने पर उन्हें प्रारंभिक चिकित्सा जांच के लिए ले गए।
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ट्रंप के एलान के बाद हमास की प्रतिक्रिया
वहीं टाइम्स ऑफ इस्राइल ने बताया कि हमास ने उनकी रिहाई से पहले एक सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें बंधकों को एक प्रचार प्रदर्शन में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया। इस समारोह के दौरान, एक नकाबपोश हमास ऑपरेटिव ने भाषण दिया, जबकि तीन बंदियों को प्रमाण पत्र पकड़े हुए मंच पर परेड किया गया था। उनके पीछे, अरबी, हिब्रू और अंग्रेजी में बैनर थे: 'हम हैं बाढ़, युद्ध का अगला दिन'। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हाल ही में की गई घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका गाजा पर कब्जा करेगा।
अपनों से मिलकर खुश और चिंतित दिखे परिजन
वहीं बंधकों की वापसी के बाद परिजन उनकी हालत देखकर काफी चिंतित नजर आए। इस दौरान ओहद बेन अमी की मां, मिशल कोहेन ने अपने बेटे को कमजोर और उम्र से ज्यादा बूढ़ा देखकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। ओर लेवी के भाई, ताल लेवी ने भी अपने भाई की दुर्बल स्थिति पर चिंता जताई, लेकिन सभी बंधकों को घर वापस लाने के लिए निरंतर प्रयास करने के महत्व पर जो दिया।
183 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा इस्राइल
बता दें कि, इस समझौते के हिस्से के रूप में, इस्राइल ने नेगेव में केजियोट जेल और वेस्ट बैंक में ओफर जेल से 183 फलस्तीनी सुरक्षा कैदियों को रिहा करने की तैयारी की है। इस समूह में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 18 कैदी शामिल हैं, जिनमें से सात को निर्वासन के लिए रखा गया है। 183 बंदियों में से 111 को गाजा में चल रहे युद्ध के दौरान गिरफ्तार किया गया था, जबकि बाकी 72 पश्चिमी तट और पूर्वी येरुशलम से हैं।
गाजा से वापस बैंकॉक लौटे थाई बंधक
गाजा में एक साल से अधिक समय तक बंधक रहने के बाद रिहा हुए पांच थाई कर्मचारी रविवार को बैंकॉक पहुंचे। इसमें सरुसाक रुमनाओ, वाचरा श्रीआउन, साथियन सुवन्नाखम, पोंगसाक थाएना और बन्नावत सैथाओ को 30 जनवरी को एक एक्सचेंज व्यवस्था के तहत रिहा किया गया। युद्ध शुरू होने के बाद से रिहा किए गए थाई बंधकों का यह दूसरा समूह था। इससे पहले नवंबर 2023 में पहले युद्ध विराम के दौरान कतर और ईरान की सहायता से थाईलैंड और हमास के बीच हुए एक समझौते के तहत 23 थाई नागरिकों को रिहा किया गया था।