फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   HAL inks pact with Russian aerospace major for production of SJ-100 civil aircraft

SJ-100 civil aircraft: भारत-रूस के बीच असैन्य विमान के निर्माण पर समझौता, देश में बनेंगे एसजे-100

Tue, 28 Oct 2025 10:01 PM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 28 Oct 2025 10:01 PM IST
विज्ञापन
HAL inks pact with Russian aerospace major for production of SJ-100 civil aircraft
भारत-रूस के बीच हुआ समझौता - फोटो : पीटीआई

भारत और रूस ने अपने घनिष्ठ रणनीतिक सहयोग के अनुरूप एक असैन्य विमान के निर्माण के लिए सहमति व्यक्त की है। एयरोस्पेस क्षेत्र की प्रमुख सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने एसजे-100 विमान के निर्माण के लिए रूस की सरकार के नियंत्रण वाली यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन’ के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते पर सोमवार को मॉस्को में हस्ताक्षर किए गए। यह संयुक्त उद्यम रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित भारत यात्रा से लगभग एक महीने पहले अंतिम रूप दिया गया।

विज्ञापन


एचएएल के प्रबंध निदेशक डॉ डीके सुनील और यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन के महानिदेशक वादीम बादेखा की मौजूदगी में दोनों कंपनियों के बीच एसजे-100 के उत्पादन के लिए समझौता हुआ।  इस समझौते पर एचएएल की ओर से प्रभात रंजन और यूएसी की ओर से ओलेग बोगोमोलोव ने हस्ताक्षर किए। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को भारत में एसजे-100 विमान के निर्माण और आपूर्ति के अधिकार प्राप्त हुए हैं। यानी इस समझौते के बाद भारत में पहली बार एक पूर्ण यात्री विमान का उत्पादन किया जाएगा। 
विज्ञापन


भारत ने करीब चार दशकों तक किसी भी पूर्ण यात्री विमान का निर्माण नहीं किया था। इससे पहले एचएएल ने एवरो एचएस-748 विमान का निर्माण 1961 से 1988 के बीच किया था। एसजे-100 विमानों का निर्माण देश की वाणिज्यिक विमान आवश्यकता पूरी करने के साथ-साथ निर्यात का रास्ता भी खोल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Israel: बंधक के शव को लेकर हमास की 'धोखेबाजी' पर नेतन्याहू सख्त, बताया शांति समझौते का स्पष्ट उल्लंघन


एसजे-100 में दोहरा इंजन
एसजे-100 संकरी बनावट और दोहरे इंजन वाला यात्री विमान है। फिलहाल सोलह से ज्यादा व्यावसायिक एयरलाइन कंपनियां इसके 200 से ज़्यादा विमान संचालित कर रही हैं। इस समझौते का उद्देश्य भारत सरकार की उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देना है, जिससे छोटे शहरों तक भी हवाई यात्रा सुलभ और किफायती हो सके।
 
दस साल में 200 जेट जरूरी
एचएएल ने कहा है कि अगले दस वर्षों में भारत को क्षेत्रीय संपर्क के लिए 200 से अधिक रीजनल जेट की आवश्यकता होगी। जबकि हिंद महासागर क्षेत्र में स्थित अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों की मांग को पूरा करने के लिए 350 अतिरिक्त विमानों की जरूरत पड़ेगी। एसजे-100 के निर्माण की शुरुआत न केवल भारत के आत्मनिर्भर भारत अभियान को बल देगी, बल्कि देश के निजी विमानन उद्योग को भी मजबूत बनाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed