{"_id":"5d28e5e48ebc3e6d16352006","slug":"hafiz-saeed-challenges-terrorism-financing-allegations","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंकी हाफिज सईद ने टेरर फंडिंग के आरोपों को पाक अदालत में दी चुनौती","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
आतंकी हाफिज सईद ने टेरर फंडिंग के आरोपों को पाक अदालत में दी चुनौती
Sat, 13 Jul 2019 05:03 AM IST
Avdhesh Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 13 Jul 2019 05:03 AM IST
विज्ञापन
Hafiz Saeed
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
2008 मुम्बई आतंकवादी हमले के मुख्य षड्यंत्रकर्ता एवं प्रतिबंधित जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद और उसके छह वरिष्ठ सहयोगियों ने शुक्रवार को अपने खिलाफ आतंकवाद के वित्तपोषण और धनशोधन के आरोपों को यहां स्थित एक शीर्ष पाकिस्तानी अदालत में चुनौती दी।
पंजाब पुलिस के आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) ने गत तीन जुलाई को जमात उद दावा प्रमुख सईद सहित उसके 13 नेताओं के खिलाफ पंजाब प्रांत के विभिन्न शहरों में ‘‘आतंकवाद के वित्तपोषण’’ के आरोप में 23 प्राथमिकी दर्ज की थीं।
पंजाब पुलिस ने दावा किया था कि आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए प्राथमिकियों में जिनका नाम है उन सभी को गिरफ्तार किया जाएगा लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
विज्ञापन
शुक्रवार को सईद जो कि कथित रूप से लाहौर के जौहर नगर में रह रहा है उसने इन प्राथमिकियों को लाहौर उच्च न्यायालय में चुनौती दी। सईद और जमात उद दावा के छह अन्य नेताओं ने मामले में संघीय और पंजाब सरकारों तथा सीटीडी को प्रतिवादी बनाया।
अर्जी में कहा गया है कि हाफिज सईद और अन्य (याचिकाकर्ता) लाहौर उच्च न्यायालय के (पूर्व के) फैसले के अनुसार लश्करे तैयबा के सदस्य नहीं हैं। याचिकाकर्ताओं का लश्करे तैयबा या अलकायदा से कोई संबंध नहीं है। वे जमात उद दावा से संबंधित हैं, वे किसी भी आतंकवादी गतिविधि में शामिल नहीं हैं और वे केवल 'ईधी' जैसे सामाजिक कल्याण का काम कर रहे हैं और इससे भी अधिक वे गरीबों और जरूरतमंदों को शिक्षित कर रहे हैं।
इसमें कहा गया है कि भारतीय लॉबी ने उनके (सईद और अन्य) खिलाफ आरोप लगाया कि वे मुम्बई आतंकवादी हमलों में शामिल हैं। यद्यपि ऐसा कोई सबूत नहीं है या दस्तावेजों द्वारा याचिकाकर्ताओं से इसका कोई संबंध स्थापित नहीं होता। ऐसा कोई सबूत नहीं है कि याचिकाकर्ता सरकार विरोधी गतिविधियों या सुरक्षा को खतरे में डालने वाली किसी गतिविधि में शामिल हैं।
विज्ञापन
पंजाब पुलिस के आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) ने गत तीन जुलाई को जमात उद दावा प्रमुख सईद सहित उसके 13 नेताओं के खिलाफ पंजाब प्रांत के विभिन्न शहरों में ‘‘आतंकवाद के वित्तपोषण’’ के आरोप में 23 प्राथमिकी दर्ज की थीं।
विज्ञापन
पंजाब पुलिस ने दावा किया था कि आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए प्राथमिकियों में जिनका नाम है उन सभी को गिरफ्तार किया जाएगा लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
विज्ञापन
शुक्रवार को सईद जो कि कथित रूप से लाहौर के जौहर नगर में रह रहा है उसने इन प्राथमिकियों को लाहौर उच्च न्यायालय में चुनौती दी। सईद और जमात उद दावा के छह अन्य नेताओं ने मामले में संघीय और पंजाब सरकारों तथा सीटीडी को प्रतिवादी बनाया।
अर्जी में कहा गया है कि हाफिज सईद और अन्य (याचिकाकर्ता) लाहौर उच्च न्यायालय के (पूर्व के) फैसले के अनुसार लश्करे तैयबा के सदस्य नहीं हैं। याचिकाकर्ताओं का लश्करे तैयबा या अलकायदा से कोई संबंध नहीं है। वे जमात उद दावा से संबंधित हैं, वे किसी भी आतंकवादी गतिविधि में शामिल नहीं हैं और वे केवल 'ईधी' जैसे सामाजिक कल्याण का काम कर रहे हैं और इससे भी अधिक वे गरीबों और जरूरतमंदों को शिक्षित कर रहे हैं।
इसमें कहा गया है कि भारतीय लॉबी ने उनके (सईद और अन्य) खिलाफ आरोप लगाया कि वे मुम्बई आतंकवादी हमलों में शामिल हैं। यद्यपि ऐसा कोई सबूत नहीं है या दस्तावेजों द्वारा याचिकाकर्ताओं से इसका कोई संबंध स्थापित नहीं होता। ऐसा कोई सबूत नहीं है कि याचिकाकर्ता सरकार विरोधी गतिविधियों या सुरक्षा को खतरे में डालने वाली किसी गतिविधि में शामिल हैं।