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ईरान: भूकंप से ढह जाने को तैयार रहती हैं सरकारी इमारतें, भ्रष्टाचार है अहम कारण

Sat, 18 Nov 2017 02:35 PM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
टीम डिजिटल अमर उजाला Updated Sat, 18 Nov 2017 02:35 PM IST
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 due to biggest corruption government building damaged because of earthquake

ईरान के इस सूबाई शहर में पिछले साल इमाम खोमेनेई हॉस्पिटल की नई शाखा का खुलना एक बड़ी घटना थी। उस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने लाल फीता काटा। अस्पताल की इस नई शाखा में एक सौ अतिरिक्त बेड जोड़े गए। डेढ़ करोड़ डॉलर की इस परियोजना के पूरे होने में आठ साल से अधिक लगे। इसके बाद अब यह इस इलाके का सबसे बड़ा अस्पताल बन गया है। 

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अस्पताल के प्रबंधकों में से एक रजा नादेरी कहते हैं, ‘हम बेहद गौरवान्वित हैं।’ लेकिन विगत रविवार को तीस सेकंड के भूकंप में अस्पताल की नई बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में दरार पड़ गई। जबकि चालीस साल पुरानी अस्पताल के मुख्य भवन पर कोई असर नहीं पड़ा। मलबों के बीच वह तना हुआ खड़ा था।
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7.3 के रिक्टर स्केल पर आए भूकंप से ईरान में पांच सौ से अधिक लोग मारे गए, जबकि इराक में आठ लोगों की मौत हुई। चालीस हजार से भी अधिक भवन इस तरह टूट गए कि वे अब रहने लायक नहीं रह गए हैं। इनमें नए बने अस्पताल, स्कूल, अपार्टमेंट्स और सैन्य बैरक हैं।
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पढ़ें: 2017 के सबसे भयानक भूकंप ने ऐसे मचाई ईरान-इराक में तबाही, 450 लोगों की गई जान, 6,700 जख्मी

सरकारी इमारतों में कितने लोग दबकर मर गए, यह अभी साफ नहीं है। इस भूकंप ने फिर उस सच को उद्घाटित किया है, जिस बारे में लोग बार-बार कहते आए हैं : सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार का ही नमूना है कि इमारतें इतनी कमजोर बनती हैं कि अगले भूकंप में ढह जाए। इसी साल तेहरान में एक बहुमंजिली इमारत आग लगने के बाद ध्वस्त हो गई, जिससे बीस लोग मारे गए।

आग बुझाने की व्यवस्था नहीं थी

 due to biggest corruption government building damaged because of earthquake

उस इमारत में कपड़े की दर्जनों दुकानों के साथ कई गोदाम भी थे, पर आग बुझाने की व्यवस्था नहीं थी। सरकारी रिपोर्ट में बताया गया कि एक धार्मिक संस्था के स्वामित्व वाली उस इमारत का न सिर्फ रखरखाव बदतर था, बल्कि नियमों का भी भवन निर्माण के समय उल्लंघन हुआ। लेकिन किसी को इसके लिए दंडित नहीं किया गया।

राष्ट्रपति रोहानी ने भूकंप से सर्वाधिक प्रभावित सरपोल-ए-जेहब शहर का दौरा किया और सरकारी इमारतों की गुणवत्ता की जांच कराने का एलान किया। राष्ट्रपति इमाम खोमेनेई हॉस्पिटल में भी गए और कहा कि सरकारी ठेकेदारों द्वारा बनाई नई बिल्डिंग में दरारें आ गई हैं, जबकि चालीस साल पहले लोगों द्वारा बनाई गई अस्पताल की बिल्डिंग जस की तस है। उन्होंने कहा कि उन भ्रष्ट लोगों को कतई बख्शा नहीं जाएगा, जो लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। 

रोहानी की सरकार के समर्थक अर्थशास्त्री सईद लायलज कहते हैं, ‘जो सरकारी संस्थाएं भ्रष्टाचार की शिनाख्त करने के लिए बनी हैं, वे खुद ही भ्रष्ट हैं।’ वह यह भी कहते हैं, ‘सरकार ने वर्षों से ठेकेदारों का भुगतान नहीं किया। ऐसे में उन्हें जब भी मौका मिलेगा, वे भ्रष्टाचार करने से नहीं चूकेंगे। शॉर्टकट में भ्रष्टाचार का खात्मा नहीं हो सकता।’

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