इटली से ग्राउंड रिपोर्ट : ‘बेवजह घर से 200 मीटर दूर मिलने वाले चुका रहे 2.47 लाख रुपये जुर्माना’
कोरोना की वजह से अपने साढ़े सात हजार नागरिक खो चुका इटली इस समय लॉकडाउन में है। जीवन के हालात बेहद मुश्किल हैं और नागरिक नई व्यवस्थाओं व नियमों में ढल रहे हैं। जो नहीं बदल रहे, वे संक्रमण या सरकार की सख्ती भुगत रहे हैं। जो लोग अपने घर से 200 मीटर दूर बाहर घूमते मिल रहे हैं, पुलिस उन्हें रोककर वजह पूछ रही है। बेवजह टहलने निकले कई लोगों पर तीन हजार यूरो (करीब 2.47 लाख रुपये) तक का जुर्माना लगाया गया है। हजारों की जान ले चुके कोरोना वायरस का डर और कानूनी सख्ती लोगों को उनके घरों में सीमित रखने के लिए काफी हैं।
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मिलान में सुबह कोई सैर पर नहीं निकल रहा, न शाम को दोस्तों से मिलने या घूमने जा रहा है। सड़कें सूनी हैं। खाने-पीने और परिवार के लिए बेहद जरूरी चीजों के लिए ही लोग घर से निकल रहे हैं। डिपार्टमेंटल स्टोर में दो से पांच लोगों को ही एक बार में अंदर प्रवेश करने की इजाजत मिल रही है। स्टोर के बाहर कतारें लग रही हैं।
आपको और आपके परिवार को जीवित रहने के लिए किन चीजों की जरूरत हो सकती है, सुनसान स्टोर में खरीदारी के समय कम से कम समय में यह तय करना परीक्षा जैसा है।
संक्रमण से बचाने के लिए सरकार ने लोगों को अपने घर से 200 मीटर अंदर मौजूद दुकानों से ही आवश्यक सामान खरीदने की अनुमति दी है। इससे दूर जाने से रोकने के लिए सख्ती से जुर्माने वसूले जा रहे हैं। दिन में कई बार लाउडस्पीकर पर पुलिस के निर्देश सुनाई देते हैं, जिनमें घर से बाहर घूम रहे लोगों को तत्काल घर लौटने के लिए कहा जा रहा है।
ऑफिस ही जा रहे हैं, ऐसा लिखे कागजात साथ होना जरूरी
आपात हालात में भी जिन लोगों का काम पर जाना जरूरी है, उन्हें सरकारी अधिकारी विशेष पास जारी कर रहे हैं। इसमें व्यक्ति और उसके काम की जानकारी, आवागमन के समय, वजह और मार्ग जैसी सूचनाएं पहले से दर्ज होती हैं। ऐसा करने के पीछे वजह है कि कोई भी व्यक्ति काम पर आते-जाते समय बेवजह कहीं और न चला जाए। छोटे काम के लिए भी निकलने पर लोगों को अपनी पहचान और पते के कागजात साथ रखने के लिए कहा जा रहा है।
केवल चार तरह की दुकानें खुली
संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के साथ हर तीन दिन पर देश के हालात पूरी तरह बदल रहे हैं। हालांकि खाने-पीने के सामान की बहुत चिंता करने की जरूरत लोगों को नहीं है, इनकी दुकानें खुली रखी जा रही हैं। दवा और तंबाकू की दुकानें व अखबार के स्टॉल खुल रहे हैं।
बिना कर्मकांड दफना रहे शव
मृतकों के अंतिम संस्कार कार्यक्रमों पर रोक है। शवों को परंपरा के अनुसार चर्च या पादरी के पास ले जाकर कर्मकांड करवाए बिना दफनाया जा रहा है। इस दौरान एक या दो परिजन ही रहते हैं। शव दफनाने वालीी एजेंसियां भी शव लेने से इनकार कर रही हैं। इस वजह से वायरस संक्रमण से मारी गईं 47 साल की टेरेसा फ्रांजे का शव 36 घंटे तक घर में रखा रहा। उनके ने भाई लूका ने सोशल मीडिया पर भावुक निवेदन किया, जिसके बाद अंतिम संस्कार हो सका। पांच लाख की आबादी वाले बरगामो शहर में मेयर जिर्योजियो गोरी ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बाद यहां का ऐतिहासिक कब्रिस्तान बंद करने का आदेश दिया।
अखबार में 10-10 पेज की श्रद्धांजलियां
श्रद्धांजलि संदेशों से अखबारों में 10-10 पृष्ठ भरे हैं। यह संदेश प्रकाशित करना इसलिए भी जरूरी हो रहा है क्योंकि अंतिम संस्कार आयोजन नहीं होने से कई बार मृतकों के बारे में परिचितों को सूचनाएं नहीं मिल रही हैं।
लोग कह रहे ‘सरकार ने देर कर दी’
इटली के नागरिकों में यह बात कही जा रही है कि सख्ती से लॉकडाउन करने में सरकार ने देर कर दी। सरकार ने पहले स्कूली छुट्टियों का इंतजार किया, फिर इन छुट्टियों को बढ़ाया। इसके बाद भी आधा-अधूरा लॉकडाउन शुरू किया। कुछ छोटे क्षेत्र व गतिविधियां बंद किए, लेकिन पर्यटन के नाम पर रेस्त्रां, कॉफी-शॉप और पब चलते रहे, लोग भी यहां आते रहे, वायरस संक्रमण फैलता रहा। जब पूरा देश लॉकडाउन हुआ तब तक देर हो चुकी थी।