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औद्योगिक देश स्वयं की ज्यादा चिंता कर रहे, विकासशील देशों की पर्याप्त मदद नहीं कर रहे: मर्केल

Wed, 27 Jan 2021 03:28 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर Published by: देव कश्यप Updated Wed, 27 Jan 2021 03:28 AM IST
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ndustrialised nations becoming too inward-looking, not doing enough to help developing countries: Merkel
Germany's Angela Merkel Address Davos agenda summit - फोटो : Twitter

जर्मनी की चांसलर एजेंला मर्केल ने मंगलवार को कहा कि दुनिया को प्रभावित करने वाले संकट से निपटने के लिये बहुपक्षवाद यानी मिल-जुलकर काम करना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर चिंता जतायी कि विकसित देश स्वयं की ही चिंता ज्यादा करने लगे हैं और विकाशील देशों की पर्याप्त मदद नहीं कर रहे।

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उन्होंने विश्व आर्थिक मंच के ऑनलाइन दावोस एजेंडा शिखर सम्मेलन में कहा, ‘यह समय बहुपक्षवाद का है...सवाल यह है कि दुनिया में किसे टीका मिलता है, वास्तव में यही नया स्वरूप तय करेगा।’
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मर्केल ने हालांकि कहा कि मानवजाति महान वैज्ञानिक सफलता हासिल करने में सक्षम है और यह कोरोना वायरस महामारी से बाहर निकलने का रास्ता दिखाता है। उन्होंने कहा, ‘महामारी ने हमारे समाज और हमारी अर्थव्यवस्थाओं पर गहरी छाप छोड़ी है। और यह निर्धारित करेगा कि हम कैसे अगले कुछ साल तक रहते हैं। लेकिन हम सभी एक ही ग्रह पर रहते हैं। इस प्रकार के अस्तित्व वाले संकट में स्वयं को अन्य से अलग करना हमें विफल बनाएगा।’
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मर्केल ने कहा कि टीके से पता चलता है कि हम इस महामारी से बाहर निकल सकते हैं, लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा जितना कि हर कोई सोचता है। जलवायु परिवर्तन और पेरिस समझौते पर उन्होंने कहा कि यूरोप पहला जलवायु-तटस्थ महादेश हो सकता है और यह उत्सर्जन में 55 प्रतिशत की कमी ला सकता है।

लेकिन उन्होंने कहा कि औद्योगिक देश जरूरत से अधिक स्वयं की चिंता करने लगे हैं और हम विकासशील देशों की मदद के लिये ज्यादा कुछ नहीं कर रहे।

समाज को खोखला कर रही है सोशल मीडिया, सख्त नियमन आवश्यक: यूरोपीय आयोग

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को अधिक जिम्मेदार बनाने के लिए मंगलवार को सख्त नियमनों की वकालत की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया समाज को खोखला कर रही है और इससे झूठी खबरों को बढ़ावा मिल रहा है।

लेयन ने विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के ऑनलाइन दावोस एजेंडा शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज, हम इस बारे में चिंता कर रहे हैं कि क्या पिछले चार वर्षों में लोकतंत्र खुद स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है।’

उन्होंने सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के प्रचार की आलोचना की। उन्होंने उपभोक्ताओं तक पहुंचने चवाली सूचनाओं की गुणवत्ता का निर्धारण करने में बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों से अधिक जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।

उन्होंने जैव विविधता के नुकसान और वैश्विक महामारियों के बीच स्पष्ट संबंध को दर्शाने वाले वैज्ञानिक साक्ष्यों के बारे में भी चर्चा की तथा जलवायु परिवर्तन पर दुनिया भर के नेताओं से कदम उठाने का आग्रह किया।

लेयन ने कहा, ‘हमें इस संकट से सीखना चाहिए। हमें अपने जीने और व्यापार करने के तरीके को बदलना होगा, ताकि हम जो कुछ भी हमारे लिये महत्व रखता है और हमें पसंद है, वह हमारे साथ बरकरार रहे।’

अमेरिका में नए नेतृत्व पर वॉन डेर लेयन ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि अमेरिका ने अब पेरिस समझौते पर फिर से विचार किया है।’ उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया समाज को खा रहा है। उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों की बात आने पर सख्त नियमन की वकालत की।

उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 के खिलाफ टीका लगाने की तत्काल वैश्विक आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि टीके दुनिया भर के सभी देशों में पहुंचें।

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