शर्मसार पाक : फ्रांसीसी महिला से उसके बच्चों के सामने हाईवे पर दुष्कर्म, देश में उबाल
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पिछले दिनों दुष्कर्म की दो घटनाओं को लेकर पाकिस्तान एक बार फिर शर्मसार हुआ है। पहली घटना कराची में पांच साल की लड़की से दुष्कर्म के बाद हत्या की है और दूसरी लाहौर की है, जहां फ्रांस की निवासी महिला का उसके दो बच्चों के सामने ही दुष्कर्म किया गया और आरोपी उसके पास से नकदी, जेवर व तीन एटीएम कार्ड लेकर भाग गए। घटनाओं को लेकर पूरे देश में हंगामा बरपा है।
कराची में जिस पांच साल की बच्ची घर से बिस्कुट लेने के लिए निकली थी, तभी उसे अगवा करके दुष्कर्म किया गया और फिर हत्या कर दी गई। उसकी लाश एक कूड़े के ढेर में मिली। पोस्टमार्टम में पाया गया कि उसके सिर पर वार किया गया और फिर उसे जलाया गया। दूसरी घटना फ्रांस की नागरिक महिला से लाहौर-सियालकोट मोटरवे पर बृहस्पतिवार को देर रात हुई।
महिला लाहौर से अपने दो बच्चों के साथ गुजरांवाला जा रही थी। तभी उसकी कार में पेट्रोल खत्म हो गया। उसने एक रिश्तेदार को फोन किया और फिर राजमार्ग पुलिस की हेल्पलाइन पर भी फोन किया। लेकिन किसी मदद के बजाय दो लोग आए और गाड़ी का शीशा तोड़कर महिला व दोनों बच्चों को घसीटकर पास के खेत में ले गए जहां बच्चों के सामने ही मां का दुष्कर्म किया और बाद में उसके पास रखी नकदी, गहने और एटीएम कार्ड लेकर फरार हो गए।
पाकिस्तान में जबरदस्त आक्रोश
दोनों घटनाओं के बाद पाकिस्तान में जनाक्रोश बुरी तरह भड़क गया है। इस्लामाबाद में हजारों महिलाएं सड़क पर उतरीं। उनकी मांग है कि घटना के लिए पुलिस प्रमुख को जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे इस्तीफा लिया जाए। विरोध जता रही महिलाओं ने अपराधियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
पुलिस प्रमुख के बयान की निंदा
इस घटना के बाद लोगों में लाहौर के पुलिस प्रमुख उमर शेख को लेकर भी काफी आक्रोश है। शेख ने अपनी जांच की शुरुआत पीड़िता पर ही कई सवाल उठाते हुए कहा कि फ्रांस की महिला ने कोई और रास्ता क्यों नहीं लिया? उसने अपनी कार में पेट्रोल क्यों नहीं चेक किया? ऐसा कहकर मेरा इरादा पीड़िता को दोषी ठहराने का नहीं लेकिन मैं सिर्फ अपने समाज की सच्चाई सामने रखना चाहता हूं। शेख ने यह भी कहा कि बहन-बेटियों को अकेले इतनी रात बिना मर्द के सफर नहीं करना चाहिए। मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने शेख के बयान को अस्वीकार्य बताते हुए निंदा की।
ईशनिंदा पर मृत्युदंड की आलोचना
लंदन स्थित पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता और जस्टिस फॉर माइनॉरिटीज के प्रवक्ता अनिला गुलजार ने पाकिस्तान में न्यायिक प्रणाली पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि लाहौर में 37 वर्षीय ईसाई शख्स आसिफ परवेज को ईशनिंदा मामले में मौत की सजा सुनाई गई है जो गलत है। उन्होंने बताया कि आसिफ ने धर्मांतरण से इनकार कर दिया जिसके चलते उसे लाहौर में अपनी नौकरी तक छोड़नी पड़ी।