संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन में आया फ्रांस, कहा- यह बहुत जरूरी
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फ्रांस ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता की वकालत की है। फ्रांस का कहना है कि भारत, जर्मनी, ब्राजील और जापान जैसे देशों को समसामयिक वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों के तौर पर शामिल करने की बेहद आवश्यकता है।
फ्रांस ने कहा कि सुरक्षा परिषद में इन प्रमुख सदस्यों को शामिल करना फ्रांस की ‘रणनीतिक’ प्राथमिकताओं में शामिल है। संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधि फ्रानोइस डेलातरे ने पिछले हफ्ते यहां संवाददाताओं से कहा, ‘नीति के लिहाज से फ्रांस व जर्मनी की नीति मजबूत है जो सुरक्षा परिषद को विस्तार देने के लिए साथ काम करने और उस बातचीत में सफल होने से जुड़ी है। जिससे सुरक्षा परिषद का दायरा बढ़े, जिसे हम विश्व को जैसा है वैसा ही बेहतर ढंग से दर्शाने के लिए निहायत ही जरूरी मानते हैं। इसमें कोई सवाल ही नहीं उठता है।’
डेलातरे ने जोर दिया कि फ्रांस मानता है कि जर्मनी, जापान, भारत, ब्राजील और विशेष रूप से अफ्रीका का उचित प्रतिनिधित्व सुरक्षा परिषद में निष्पक्ष प्रतिनिधित्व की दिशा में अत्यंत आवश्यक है यह हमारे लिए प्राथमिकता का विषय है।
भारत है स्थायी सदस्यता का उचित हकदार
संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधि फ्रानोइस डेलातरे ने कहा कि कुछ प्रमुख सदस्यों को जोड़ने के साथ सुरक्षा परिषद को बृहत बनाना हमारी रणनीतिक प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा, भारत सुरक्षा परिषद के लंबे समय से लंबित पड़े सुधारों के लिए दबाव देने वाले प्रयासों में सबसे अग्रणी है। वह संयुक्त राष्ट्र की इस महत्वपूर्ण संस्था में एक स्थायी सदस्य के तौर पर उचित जगह का हकदार भी है।