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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के टेप में चौंकाने वाले खुलासे, भारतीय महिलाओं को बताया था सबसे बदसूरत

Sat, 05 Sep 2020 12:50 PM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: देव कश्यप Updated Sat, 05 Sep 2020 12:50 PM IST
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Former US president Richard Nixon 1971 tapes reveals anti-Indian rant of disgraced he said Indian women are most unattractive
Richard Nixon-Indira Gandhi - फोटो : Social Media

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए नवंबर में होने वाले चुनावों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अश्वेतों का मुद्दा भी चुनाव प्रचार में हावी है। डेमोक्रेट्स अमेरिका में अश्वेतों के खिलाफ हुई हिंसा का आरोप ट्रंप पर लगा रहे हैं, वहीं ट्रंप पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन का कई बार जिक्र कर चुके हैं।

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पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन (Richard Nixon) द्वारा भारत और भारतीय महिलाओं को लेकर की गई बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां सामने आई हैं। प्रिंसटन प्रोफेसर ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस और लेखक गैरी जे बास ने अमेरिकी टेप के हवाले से अपनी किताब में लिखा है कि निक्सन ने भारतीय महिलाओं के लिए आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। जून 1971 में निक्सन, किसिंजर और व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ एचआर हेडलमैन के बीच बातचीत में भारतीयों के प्रति निक्सन की मानसिकता का पता चलता है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के इतिहास में सबसे चर्चित घोटालों में से एक वॉटरगेट स्कैंडल के बाद राष्ट्रपति पद से रिचर्ड निक्सन को हटा दिया गया था। रिचर्ड ने 1971 में भारत को डराने के लिए बंगाल की खाड़ी में अपने जहाज भी भेजे थे। अब उस दौरान दिए गए उनके बयान सामने आए हैं। आर्काइवल डाटा से पता चला है कि रिचर्ड ने कहा था कि दुनिया में सबसे बदसूरत दिखने वाली महिलाएं भारतीय हैं।

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निक्सन ने कहा था कि 'इसमें कोई शक नहीं है कि दुनिया में सबसे बदसूरत दिखने वाली महिलाएं भारतीय हैं। ये लोग सबसे सेक्सलेस हैं। लोग अश्वेत अफ्रीकियों के बारे में सवाल करते हैं। वहां कम से कम जानवरों जैसा चार्म होता है, लेकिन भारतीय दयनीय हैं।' उन्होंने 4 नवंबर, 1971 को किसिंजर से भारतीय महिलाओं के संदर्भ कहा था कि 'वे मुझे टर्न ऑफ कर देते हैं। वे दूसरे लोगों को कैसे टर्न ऑन करते हैं?' वे आगे कहते हैं कि भारतीयों के साथ कड़ाई करना ही आसान है।

इसके बाद 12 नवंबर, 1971 को भारत-पाकिस्तान तनाव पर चर्चा के बीच वह किसिंजर और गृह सचिव विलियम रॉजर्स से कहा था कि 'मुझे नहीं पता वे बच्चे कैसे पैदा करते हैं।' बास का कहना है कि इन टेप्स से पता चलता है कि उस समय में दक्षिण एशिया को लेकर अमेरिका की नीति पर निक्सन की इस नफरत का कितना असर रहा होगा। इन टेप्स में किसिंजर ने भले ही निक्सन के बयानों से हामी न भरी हो, लेकिन वह उस दौरान बंगाल में पैदा हुए संकट के लिए भारत को जिम्मेदार बताते हैं। किसिंजर ने भारतीयों और तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर टिप्पणियों पर माफी भी मांगी थी।

गैरी जे बास की 2013 में प्रकाशित किताब, "द ब्लड टेलीग्राम: निक्सन, किसिंजर एंड ए फॉरगॉटेन जेनोसाइड" में भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर निक्सन की घृणित सोच का जिक्र किया गया था।

अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) हेनरी किसिंजर तीन जून, 1971 को लाखों बंगाली शरणार्थियों को पनाह देने के लिए भारत और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ थे। उस समय हेनरी और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने बंगाली विद्रोह के शरणार्थी प्रवाह के लिए इंदिरा को दोषी माना था। किसिंजर ने उनके बारे में कहा था कि 'वे मैला ढोने वाले लोग हैं।'

टेप के हवाले से बास बताते हैं कि भारत में राजदूत केनेथ बी कीटिंग को ‘बास्टर्ड’ के रूप में संदर्भित किया गया। इससे समझा जा सकता है कि किसिंजर भारत के बारे में अच्छी राय नहीं रखते थे। क्योंकि उन्होंने निक्सन से कहा था कि 'भारतीय लोग बड़े ही चापलूस किस्म के होते हैं और वे चाटुकारिता में मास्टर होते हैं।'

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