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Indra Nooyi: इंद्रा नूयी का विवादित बयान, भारत को बताया 'अव्यवस्थित देश'; कहा- वहां मैं सीईओ नहीं बन पाती
Fri, 03 Jul 2026 12:24 AM IST
Pavan
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: Pavan
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:24 AM IST
सार
पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंद्रा नूयी ने एक इंटरव्यू में भारत को 'अव्यवस्थित देश' बताते हुए कहा कि इसकी खूबसूरती इसी अव्यवस्था में है और लोग इससे जुड़ जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत सहित किसी अन्य देश में वैश्विक कंपनी की सीईओ नहीं बन पातीं और इसका श्रेय अमेरिका की मेरिट आधारित व्यवस्था को दिया। उनके दोनों बयानों पर सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
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इंद्रा नूयी, पेप्सिको की पूर्व सीईओ
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पेप्सिको की पूर्व चेयरमैन और सीईओ इंद्रा नूयी के हालिया बयान ने भारत को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने भारत को 'अव्यवस्थित देश' बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि 'भारत की खूबसूरती इसी अव्यवस्था में है'। यह बातचीत उन्होंने अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस के साथ की, जहां उन्होंने भारत और चीन की तुलना करते हुए अपने विचार रखे।
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इंद्रा नूयी ने क्या कहा?
इंद्रा नूयी ने कहा कि चीन एक ज्यादा 'समान' समाज है, जहां चीजें व्यवस्थित हैं और बाहर से आने वालों के लिए समझना आसान होता है। वहीं भारत की पहचान उसकी विविधता और अव्यवस्था है। उन्होंने कहा,'भारत एक अव्यवस्थित देश है। इसकी खूबसूरती इसी अव्यवस्था में है। अगर आप भारत को समझते हैं और यहां घूम चुके हैं, तो आपको यह अव्यवस्था आकर्षित करने लगती है। यह एक तरह से नशे की तरह है, जिससे आप जुड़ जाते हैं'। नूयी ने भारत की सड़कों का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां अक्सर गाय और गाड़ियां साथ दिखती हैं, जो पहली बार आने वाले लोगों को अजीब लग सकता है, लेकिन भारतीयों के लिए यह सामान्य बात है। नूयी के अनुसार, भारत में लोग 'यह भी गुजर जाएगा' वाली सोच अपनाते हैं और अव्यवस्था को जीवन का हिस्सा मान लेते हैं।
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सोशल मीडिया पर बंटी राय
नूयी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं है। उनके समर्थन में कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने भारत की सच्चाई दिखाई है। वहीं कई यूजर्स ने माना कि भारत को सफाई और सिस्टम सुधारने की जरूरत है। जबकि कुछ ने कहा कि आलोचना को सकारात्मक रूप में लेना चाहिए। वहीं उनके विरोध में कई लोगों ने उनके बयान को 'अति सरलीकरण' बताया। कुछ ने कहा कि चीन भी पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है। जबकि कई यूजर्स ने कहा कि “अव्यवस्था को खूबसूरती बताना गलत है'।
अमेरिका को लेकर भी दिया बड़ा बयान
इसी बातचीत में उन्होंने अमेरिका की तारीफ करते हुए कहा कि वहां की 'मेरिट आधारित व्यवस्था' की वजह से ही वह इतनी बड़ी कंपनी की सीईओ बन सकीं। उन्होंने कहा,'मैं दुनिया के किसी भी दूसरे देश में, यहां तक कि भारत में भी, सीईओ नहीं बन पाती। अमेरिका में प्रतिभा को पहचान मिलती है, चाहे व्यक्ति किसी भी पृष्ठभूमि का हो'।
यह भी पढ़ें- Sick leave: इस देश में अब बिना सबूत नहीं मिलेगी सिक लीव; सरकार ने क्यों बदला वर्कप्लेस से जुड़ा नियम?
कौन हैं इंद्रा नूयी?
इंद्रा नूयी दुनिया की सबसे प्रभावशाली बिजनेस लीडर्स में गिनी जाती हैं। वह पेप्सिको की पूर्व चेयरमैन और सीईओ रह चुकी हैं और फिलहाल अमेजन के बोर्ड में शामिल हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी पर आधारित किताब माय लाइफ इन फुल भी लिखी है। इंद्रा नूयी के बयान ने एक बार फिर भारत की छवि, व्यवस्था और विकास मॉडल पर चर्चा को हवा दे दी है। जहां कुछ लोग इसे सच्चाई मानते हैं, वहीं कई लोग इसे भारत की जटिलता को गलत तरीके से पेश करना बता रहे हैं।
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इंद्रा नूयी ने क्या कहा?
इंद्रा नूयी ने कहा कि चीन एक ज्यादा 'समान' समाज है, जहां चीजें व्यवस्थित हैं और बाहर से आने वालों के लिए समझना आसान होता है। वहीं भारत की पहचान उसकी विविधता और अव्यवस्था है। उन्होंने कहा,'भारत एक अव्यवस्थित देश है। इसकी खूबसूरती इसी अव्यवस्था में है। अगर आप भारत को समझते हैं और यहां घूम चुके हैं, तो आपको यह अव्यवस्था आकर्षित करने लगती है। यह एक तरह से नशे की तरह है, जिससे आप जुड़ जाते हैं'। नूयी ने भारत की सड़कों का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां अक्सर गाय और गाड़ियां साथ दिखती हैं, जो पहली बार आने वाले लोगों को अजीब लग सकता है, लेकिन भारतीयों के लिए यह सामान्य बात है। नूयी के अनुसार, भारत में लोग 'यह भी गुजर जाएगा' वाली सोच अपनाते हैं और अव्यवस्था को जीवन का हिस्सा मान लेते हैं।
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सोशल मीडिया पर बंटी राय
नूयी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं है। उनके समर्थन में कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने भारत की सच्चाई दिखाई है। वहीं कई यूजर्स ने माना कि भारत को सफाई और सिस्टम सुधारने की जरूरत है। जबकि कुछ ने कहा कि आलोचना को सकारात्मक रूप में लेना चाहिए। वहीं उनके विरोध में कई लोगों ने उनके बयान को 'अति सरलीकरण' बताया। कुछ ने कहा कि चीन भी पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है। जबकि कई यूजर्स ने कहा कि “अव्यवस्था को खूबसूरती बताना गलत है'।
अमेरिका को लेकर भी दिया बड़ा बयान
इसी बातचीत में उन्होंने अमेरिका की तारीफ करते हुए कहा कि वहां की 'मेरिट आधारित व्यवस्था' की वजह से ही वह इतनी बड़ी कंपनी की सीईओ बन सकीं। उन्होंने कहा,'मैं दुनिया के किसी भी दूसरे देश में, यहां तक कि भारत में भी, सीईओ नहीं बन पाती। अमेरिका में प्रतिभा को पहचान मिलती है, चाहे व्यक्ति किसी भी पृष्ठभूमि का हो'।
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कौन हैं इंद्रा नूयी?
इंद्रा नूयी दुनिया की सबसे प्रभावशाली बिजनेस लीडर्स में गिनी जाती हैं। वह पेप्सिको की पूर्व चेयरमैन और सीईओ रह चुकी हैं और फिलहाल अमेजन के बोर्ड में शामिल हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी पर आधारित किताब माय लाइफ इन फुल भी लिखी है। इंद्रा नूयी के बयान ने एक बार फिर भारत की छवि, व्यवस्था और विकास मॉडल पर चर्चा को हवा दे दी है। जहां कुछ लोग इसे सच्चाई मानते हैं, वहीं कई लोग इसे भारत की जटिलता को गलत तरीके से पेश करना बता रहे हैं।