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Pakistan: शहबाज शरीफ के खिलाफ पूर्व सीजेआई ने लगाई अवमानना याचिका; सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप

Mon, 28 Jul 2025 09:18 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: बशु जैन Updated Mon, 28 Jul 2025 09:18 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने सात मई को सैन्य अदालतों की ओर से नागरिकों के खिलाफ मुकदमा चलाने की घोषणा करते हुए संघीय सरकार को निर्देश दिया था कि वह 45 दिनों के भीतर कानून में संशोधन करे या कानून बनाए। लेकिन शहबाज सरकार ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया।

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Former CJI files contempt petition against Shahbaz Sharif; Allegation of violation of Supreme Court order
पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ - फोटो : एएनआई

विस्तार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप है। इसे लेकर पाकिस्तान के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने शहबाज शरीफ के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है। याचिका में पूर्व मुख्य न्यायाधीश जवाद एस ख्वाजा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सात मई को सैन्य अदालतों की ओर से नागरिकों के खिलाफ मुकदमा चलाने की घोषणा करते हुए संघीय सरकार को निर्देश दिया था कि वह 45 दिनों के भीतर कानून में संशोधन करे या कानून बनाए। ताकि सैन्य अदालतों द्वारा दोषी ठहराए गए नागरिकों को उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार मिल सके। लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। 
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याचिका में कहा गया है कि सु्प्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया था कि वह 45 दिनों के भीतर कोर्ट मार्शल की कार्यवाही के निर्णयों के विरुद्ध उच्च न्यायालय को स्वतंत्र अपील का अधिकार प्रदान करने के लिए आवश्यक संशोधन/कानून बनाए। इस निर्देश का पालन नहीं किया गया है। सरकार ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना की है और इस विफलता के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं।
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याचिका में कहा गया कि मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में उच्च न्यायालयों को संघीय सरकार या प्रांतीय सरकारों को कानून को मौलिक अधिकारों के अनुरूप लाने या कानून लागू करने तथा उस संबंध में अधिसूचना जारी करने के निर्देश जारी करने का अधिकार है। विधायिका और कार्यपालिका को भी कानूनों को मौलिक अधिकारों के अनुरूप बनाने के लिए विधायी उपाय करने का निर्देश दिया जा सकता है।
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इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने जारी किया था नोटिस
इससे पहले कोर्ट ने अपने फैसले में सैन्य अदालत द्वारा नागरिकों पर मुकदमा चलाने को बरकरार रखा था, लेकिन सरकार को सैन्य अदालत के दोषसिद्धि के खिलाफ अपील करने के अधिकार पर कानून बनाने का आदेश दिया था। पिछले सप्ताह इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री शहबाज और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों को अवमानना नोटिस जारी किया था।

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