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Pakistan: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बाढ़ का कहर; अब तक 335 लोगों की मौत, 15 हजार से ज्यादा लोग बीमार
Sun, 24 Aug 2025 07:05 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेशावर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेशावर
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 24 Aug 2025 07:05 PM IST
सार
पड़ोसी देश पाकिस्तान में इन दिनों बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है। वही खैबर पख्तूनख्वा जिले में बाढ़ के कारण हालात बद से बदतर हो गए हैं। बाढ़ के कारण जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं और पानी और गंदगी के कारण पैदा होने वाली बीमारियों से 15 हजार लोग ग्रसित हो चुके हैं।
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बाढ़ का कहर (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बाढ़ का कहर जारी है। ताजा सरकारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक 335 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 350 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। प्रांतीय स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। 22 अगस्त को अकेले एक दिन में एक मौत और छह लोग घायल दर्ज किए गए।
यह भी पढ़ें - Russia-Ukraine War: स्वतंत्रता दिवस पर यूक्रेन ने रूस पर किए भीषण हमले, परमाणु संयंत्र को भी बनाया निशाना
स्वास्थ्य सेवाएं और राहत कार्य
बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को तेज किया गया है। केवल 22 अगस्त को ही 27,270 मरीजों का इलाज 11 जिलों में किया गया। अब तक कुल मिलाकर 2,62,006 मरीजों को मेडिकल कैंपों और स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज मिल चुका है। इसके लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर नेटवर्क खड़ा किया है, इसके तहत 3 हजार 704 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। 23 हजार 566 स्वास्थ्य केंद्र सक्रिय हैं।
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बीमारियों का खतरा बढ़ा
बाढ़ का सबसे बड़ा संकट अब पानीजनित बीमारियों के रूप में सामने आ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में 3,156 नए केस सामने आए हैं। इससे अब तक बीमारियों के कुल मरीजों की संख्या 15,176 तक पहुंच गई है।
स्वास्थ्य ढांचे को नुकसान
बाढ़ में प्रांत के 57 स्वास्थ्य केंद्र आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 3 स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग आपातकालीन मेडिकल कैंप और मोबाइल यूनिट्स के जरिए सेवाएं दे रहा है।
केंद्र और सेना की मदद
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निर्देश पर नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए), सेना और अन्य संगठनों ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। बूनर जिले में भेजे गए राहत सामग्री में टेंट, कंबल, 7केवीए जनरेटर, पानी निकालने की मशीनें, राशन बैग और दवाइयां शामिल हैं।
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अन्य इलाकों में बारिश
इसी बीच पंजाब प्रांत के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। पिंडी भट्टियां और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश हुई, वहीं वजीराबाद में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान आया। जबकि जलालपुर भट्टियां में पूरे दिन झमाझम बारिश हुई। विहारी और मुरिदके में पानी भर गया, खानकाह डोगरान में भी तेज बारिश ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित की।
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स्वास्थ्य सेवाएं और राहत कार्य
बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को तेज किया गया है। केवल 22 अगस्त को ही 27,270 मरीजों का इलाज 11 जिलों में किया गया। अब तक कुल मिलाकर 2,62,006 मरीजों को मेडिकल कैंपों और स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज मिल चुका है। इसके लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर नेटवर्क खड़ा किया है, इसके तहत 3 हजार 704 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। 23 हजार 566 स्वास्थ्य केंद्र सक्रिय हैं।
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बीमारियों का खतरा बढ़ा
बाढ़ का सबसे बड़ा संकट अब पानीजनित बीमारियों के रूप में सामने आ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में 3,156 नए केस सामने आए हैं। इससे अब तक बीमारियों के कुल मरीजों की संख्या 15,176 तक पहुंच गई है।
स्वास्थ्य ढांचे को नुकसान
बाढ़ में प्रांत के 57 स्वास्थ्य केंद्र आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 3 स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग आपातकालीन मेडिकल कैंप और मोबाइल यूनिट्स के जरिए सेवाएं दे रहा है।
केंद्र और सेना की मदद
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निर्देश पर नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए), सेना और अन्य संगठनों ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। बूनर जिले में भेजे गए राहत सामग्री में टेंट, कंबल, 7केवीए जनरेटर, पानी निकालने की मशीनें, राशन बैग और दवाइयां शामिल हैं।
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अन्य इलाकों में बारिश
इसी बीच पंजाब प्रांत के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। पिंडी भट्टियां और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश हुई, वहीं वजीराबाद में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान आया। जबकि जलालपुर भट्टियां में पूरे दिन झमाझम बारिश हुई। विहारी और मुरिदके में पानी भर गया, खानकाह डोगरान में भी तेज बारिश ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित की।