फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   First round of ballots to be cast in UK PM race as Rishi Sunak holds on to lead among eight candidates to replace Boris Johnson news in hindi

UK PM Race: ब्रिटेन में नए पीएम की रेस से दो दावेदार बाहर, भारतीय मूल के उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी

Wed, 13 Jul 2022 11:18 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Wed, 13 Jul 2022 11:18 PM IST
सार

ब्रिटेन के पीएम पद की दौड़ में दो ब्रिटिश-भारतीय भी शामिल हैं। जहां पहला नाम पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक का है, तो वहीं अगला नाम अटॉर्नी जनरल सुएला ब्रेवरमैन का है। दोनों ही नेताओ की उम्र 42 साल है। दोनों ब्रिटेन में जन्मे भारतीय मूल के नेता हैं।

विज्ञापन
First round of ballots to be cast in UK PM race as Rishi Sunak holds on to lead among eight candidates to replace Boris Johnson news in hindi
ब्रिटेन में पीएम पद की रेस से बाहर हुए दो दावेदार। - फोटो : अमर उजाला/सोनू कुमार

विस्तार

ब्रिटेन में बोरिस जॉनसन के प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद अब नए पीएम की खोज तेज हो गई है। इसी क्रम में बुधवार को कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों ने नए पीएम के चुनाव के लिए वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा लिया। ताजा आंकड़ों पर गौर किया जाए तो भारतीय मूल के ऋषि सुनक इस रेस में अभी सबसे आगे चल रहे हैं। नामांकन के बाद पहले दौर की वोटिंग में भी उन्हें सबसे ज्यादा सांसदों का समर्थन मिला था। दूसरी तरफ भारतीय मूल की ही सुएला ब्रेवरमैन भी अगले राउंड में जगह बनाने में सफल रही हैं।
विज्ञापन


गौरतलब है कि पहले दौर की वोटिंग से पहले पीएम पद की दौड़ में आठ नाम शामिल थे। हालांकि, बुधवार को वोटिंग के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री जेरेमी हंट रेस से बाहर हो गए। उनके अलावा जॉनसन सरकार के आखिरी चरण में वित्त मंत्री बनाए गए नदीम जहावी भी जरूरी समर्थन नहीं जुटा पाए। अब पीएम पद की रेस में सिर्फ छह नाम बाकी हैं। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


किसे-कितने सांसदों का समर्थन?
जहां सुनक को पहले दौर की वोटिंग में 88 कंजर्वेटिव सांसदों का समर्थन मिला तो वहीं दूसरे नंबर पर रहीं पेनी मॉर्डन्ट को 67 वोट मिले। इसके बाद तीसरे नंबर पर विदेश मंत्री लिज ट्रस रहीं, जिन्हें 50 वोट मिले। चौथे नंबर पर 40 वोट के साथ केमी बेडनॉख, 37 वोट के साथ पांचवें पर टॉम टुगेनधाट, 32 वोटों के साथ सुएला ब्रेवरमैन छठे स्थान पर रहे। सबसे कम 18 वोट जेरेमी हंट और 25 वोट नदीम जहावी को मिले, जिसके चलते दोनों ही रेस से बाहर हो चुके हैं।

रेस में दो ब्रिटिश-भारतीय शामिल
ब्रिटेन के पीएम पद की दौड़ में दो ब्रिटिश-भारतीय भी शामिल हैं। जहां पहला नाम पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक का है, तो वहीं अगला नाम अटॉर्नी जनरल सुएला ब्रेवरमैन का है। दोनों ही नेताओ की उम्र 42 साल है। दोनों ब्रिटेन में जन्मे भारतीय मूल के नेता हैं और दोनों ने ही साल 2016 में ब्रेग्जिट के लिए हुए जनमत संग्रह को लेकर अभियान में हिस्सा लिया था।

प्रधानमंत्री पद की रेस में और कौन?
प्रधानमंत्री पद के लिए मंगलवार की शाम नामांकन प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है, लिहाजा उम्मीदवारों के नाम भी सामने आ गए हैं। उम्मीदवारों की सूची में विविधता की एक और मिसाल नाइजीरियाई मूल की पूर्व मंत्री केमी बेडेनोक का चुनाव लड़ना है, जो लंदन में पैदा हुई थीं। इसके अलावा इराक में जन्मे मौजूद वित्त मंत्री नदीम जहावी (55) भी इस दौड़ में शामिल हैं। वह 11 वर्ष की आयु में एक शरणार्थी के तौर पर ब्रिटेन आए थे। उनका परिवार सद्दाम हुसैन के शासनकाल में बगदाद से भाग गया था।

इस दौड़ में शामिल कंजर्वेटिव पार्टी के आठ उम्मीदवारों में व्यापार मंत्री पेनी मोरडॉन्ट और टॉम ट्यूगेंडहैट भी हैं। दोनों की उम्र 49 वर्ष है और दोनों सैन्य पृष्ठभूमि से आते हैं। वहीं विदेश मंत्री लिज ट्रस (46) और पूर्व मंत्री जेरेमी हंट (55) भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

सुनक ने सबसे पहले पेश की थी पीएम पद के लिए दावेदारी
सुनक ने पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री पद के लिए अपना दावा पेश करते हुए एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह 1960 के दशक में अफ्रीका के ग्रामीण इलाके में रहने वाली भारतीय मूल की उनकी नानी सृक्षा तंजानिया के रास्ते ब्रिटेन आई थीं। सुनक ने वीडियो में कहा, 'वह युवा महिला ब्रिटेन आई, यहां उसे नौकरी मिल गई, लेकिन अपने पति और संतान को यहां लाने का इंतजाम करने के लिए उन्हें एक साल तक पैसे जोड़ने पड़े। उनमें से एक संतान मेरी मां थीं, जिनकी उम्र तब 15 साल थी।'

उन्होंने कहा, 'मेरी मां ने कड़ी मेहनत से पढ़ाई कर फार्मासिस्ट की डिग्री हासिल की। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में उनकी मुलाकात मेरे पिता से हुई और वे साउथहैम्पटन में बस गए। उनकी कहानीं यहीं खत्म नहीं होती। हालांकि मेरी कहानी यहीं से शुरू होती है।' उन्होंने अपने पिता यशवीर और मां ऊषा के साथ एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें युवा सुनक अपने भाई-बहनों के साथ दिख रहे हैं।


ब्रेवरमैन को भी पार्टी में अच्छा समर्थन मिला
इस बीच, पूर्व बैरिस्टर सुएला ब्रेवरमैन कंटर्वेटिव पार्टी में ब्रेग्जिट की बड़ी समर्थकों में से हैं। उन्होंने ब्रिटेन को यूरोप से अलग करने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा वह ब्रिटेन को यूरोपीय मानवाधिकार अदालत से बाहर निकलवाने में भी आगे रही हैं। ब्रेवरमैन ने अपने वीडियो में मॉरिशियस में रहने वाली अपनी मां और गोवा के निवासी पिता के केन्या से ब्रिटेन प्रवास करने के बारे में बताया है।

साउथ ईस्ट इंग्लैंड की फेरहेम सीट से सांसद ब्रेवरमैन ने कहा, 'वे ब्रिटेन से प्यार करते हैं। इसने उनमें उम्मीद जगाई। इसने उन्हें सुरक्षा प्रदान की। इस देश ने उन्हें अवसर प्रदान किए। मुझे लगता है कि मेरी पृष्ठभूमि वास्तव में राजनीति के प्रति मेरे दृष्टिकोण की सूचक है।'
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed