US में बड़े बदलाव के संकेत: FBI वाशिंगटन भ्रष्टाचार दस्ते में एक भंग करेगी, करप्शन की जांच का मिला था जिम्मा
एफबीआई वाशिंगटन स्थित भ्रष्टाचार दस्ते में से एक को भंग करेगी। मामले से परिचित एफबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि यह कदम वाशिंगटन फील्ड ऑफिस के पुनर्गठन का हिस्सा है। इस दस्ते को कांग्रेस के सदस्यों और अन्य संघीय अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सार्वजनिक भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने का जिम्मा मिला था। हालांकि, एफबीआई अब भी सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार की जांच जारी रखेगी।
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फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) वाशिंगटन स्थित भ्रष्टाचार दस्ते में से एक को भंग करेगी। इस दस्ते को कांग्रेस के सदस्यों और अन्य संघीय अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सार्वजनिक भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने का जिम्मा मिला था। एफबीआई के इस बदलाव के बारे में बृहस्पतिवार को मामले से परिचित लोगों ने जानकारी दी।
मामले से परिचित एफबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि यह कदम वाशिंगटन फील्ड ऑफिस के पुनर्गठन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि एफबीआई अब भी सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार की जांच जारी रखेगी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि दस्ते में काम कर रहे एजेंटों को अब कहां तैनात किया जाएगा। हालांकि, वाशिंगटन और वर्जीनिया में एफबीआई की कुछ और टीमें पहले से ही भ्रष्टाचार की जांच में लगी हुई हैं।
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अधिकारियों के स्थानांतरण से जुड़ा है फैसला
अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कार्मिक परिवर्तनों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह फैसला उन अधिकारियों के स्थानांतरण से जुड़ा है, जिसकी पहले कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई थी। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब ट्रंप प्रशासन भ्रष्टाचार से निपटने के अपने तौर-तरीकों में बदलाव कर रहा है। इसमें न्याय विभाग के अभियोजकों के एक प्रतिष्ठित अनुभाग के आकार में कटौती करना शामिल है, जो निर्वाचित नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामलों को संभालने के लिए जिम्मेदार है।
न्यूयॉर्क के मेयर का भ्रष्टाचार मामला खारिज किया
ट्रंप प्रशासन ने एक ऐसे कानून के आपराधिक प्रवर्तन में विराम लगाने की भी घोषणा की है, जो अमेरिकी कंपनियों को व्यापार के लिए विदेशी अधिकारियों को रिश्वत देने से रोकता है। इसके अलावा, न्याय विभाग ने फरवरी में न्यूयॉर्क के मेयर एरिक एडम्स के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मामले को खारिज कर दिया, ताकि वह अवैध आव्रजन के खिलाफ प्रशासन की कोशिशों में सहयोग कर सकें।
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वाशिंगटन फील्ड ऑफिस सबसे बड़े कार्यालयों में से एक
दस्ते को भंग करने का फैसला एफबीआई की प्राथमिकताओं में हो रहे बदलाव को दर्शाता है, क्योंकि एफबीआई निदेशक काश पटेल के नेतृत्व में ब्यूरो अब अवैध आव्रजन, नशीली दवाओं की तस्करी और हिंसक अपराधों पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, जो ट्रंप प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। वाशिंगटन फील्ड ऑफिस देश के सबसे बड़े एफबीआई कार्यालयों में से एक है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा, सरकारी भ्रष्टाचार और वाशिंगटन डीसी में होने वाले अपराधों की जांच करता है। यह टीम पहले कई बड़े मामलों की जांच कर चुकी है, जिनमें ट्रंप और उनके सहयोगियों द्वारा 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को बदलने की कोशिशें भी शामिल हैं।
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