कोरोना को लेकर बदलें धारणा: कोविड-19 संक्रमण को आम फ्लू ना समझें, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
दो मेडिकल रिसर्च पेपर्स में कोविड के मौसमी पैटर्न के बारे में बताया गया है। इनके मुताबिक हर वर्ष एक खास मौसम में ये लक्षण ज्यादा देखने को मिल सकते हैं। मगर डॉ. हावरे जलाल के साथ मिल कर एक पेपर लिखने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग ग्रैजुएट स्कूल के पूर्व डीन डॉ. डोनाल्ड बर्क ने कहा- ‘अगर ओमिक्रॉन जैसा कोविड-19 का कोई अधिक तेजी से संक्रमित होने वाला स्ट्रेन सामने आ जाए, तो मौसमी पैटर्न बदल सकता है।’
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विशेषज्ञों ने लोगों को इस धारणा के प्रति सतर्क किया है कि कोविड-19 संक्रमण मौसमी फ्लू की तरह ही है। अमेरिका में डेल्टा एअरलाइंस ने यात्रियों के लिए जारी गाइडलाइंस में कोविड-19 को ‘एक साधारण मौसमी वायरस’ कहा था। उसे लेकर खड़ी हुई बहस के बीच विशेषज्ञों ने कहा है कि कोविड-19 संक्रमण एक हद तक मौसमी है, ये बात सही है, लेकिन यह साधारण नहीं है। न ही यह सिर्फ फ्लू जैसा है।
अमेरिका में कोरोना संक्रमण के फिर से बढ़ने के बीच कई राज्यों में मास्क पहनने की अनिवार्यता लागू की गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो साल में अमेरिका की एक चौथाई आबादी कोविड-19 से संक्रमित हो चुकी है। हालांकि जानकारों का कहना है कि असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। फिलहाल देश के उत्तर-पूर्वी राज्यों में संक्रमण दर तेजी से बढ़ी है। पिछले दो वर्षों में भी लहर की शुरुआत इन्हीं राज्यों से हुई थी। इसलिए देश भर में कोरोना की नई लहर आने की आशंका जताई जा रही है।
टीके लगवा चुके लोगों की भर्ती की आशंका कम
वैज्ञानिकों का कहना है कि अब चिकित्सा व्यवस्था कोरोना संक्रमण के आगे लाचार नहीं है। अब यह साफ हो चुका है कि वैक्सीन कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए लिहाज से काफी प्रभावी हैं। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक टीका लगवा चुके लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आने की आशंका दस गुना कम रहती है। जिन लोगों ने वैक्सीन के बूस्टर डोज लगवा लिए हैं, उनके लिए ये बचाव और भी ज्यादा मजबूत है।
इसके बावजूद विशेषज्ञों ने कहा है कि कोविड-19 संक्रमण को सामान्य रोग मानना भूल होगी। अभी इस संक्रमण के कई तरह के असर के बारे में ठोस अनुमान लगाना संभव नहीं हुआ है। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में संक्रामक रोग विषय के प्रोफेसर डॉ. आर्नॉल्ड मोन्टो ने टीवी चैनल सीएनएन से कहा- ‘अभी हम ऐसी जगह पर हैं, जिसके आगे का रास्ता पता नहीं है। फ्लू के बारे में हम बहुत कुछ जानते हैं। लेकिन कोविड-19 के बारे में अभी रोज हम सीख ही रहे हैं।’
खास मौसम में लक्षण ज्यादा
दो मेडिकल रिसर्च पेपर्स में कोविड के मौसमी पैटर्न के बारे में बताया गया है। इनके मुताबिक हर वर्ष एक खास मौसम में ये लक्षण ज्यादा देखने को मिल सकते हैं। मगर डॉ. हावरे जलाल के साथ मिल कर एक पेपर लिखने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग ग्रैजुएट स्कूल के पूर्व डीन डॉ. डोनाल्ड बर्क ने कहा- ‘अगर ओमिक्रॉन जैसा कोविड-19 का कोई अधिक तेजी से संक्रमित होने वाला स्ट्रेन सामने आ जाए, तो मौसमी पैटर्न बदल सकता है।’ यानी भविष्य में कोरोना संक्रमण का क्या रूप होगा, यह अभी तय नहीं है।
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पर्यावरणीय स्वास्थ्य विज्ञान के एसिस्टैंट प्रोफेसर सेन पेई की भी यही राय है कि अभी वह समय दूर है, जब ये महामारी एक आम बीमारी बन जाएगी। उन्होंने सीएनएन से कहा- ‘लंबी अवधि में ऐसा होगा। लेकिन ये अवधि कितनी लंबी होगी, यह इस पर निर्भर करता है कि किस तेजी से कोविड-19 के वैरिएंट सामने आते रहते हैं। फिलहाल इस बारे में कोई भविष्यवाणी करना संभव नहीं है।’