कोरोना का रहस्य: अनुमानों के उलट कैसे ब्रिटेन में घट गए संक्रमण के नए मामले?
लिवरपूल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसीन में संक्रामक रोग विशेषज्ञ थॉमस विंगफील्ड ने कहा- ‘आरंभ में अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या स्थिर हो गई और फिर यह गिरने लगी। उससे इस बात की पुष्टि हुई है कि सचमुच संक्रमण के नए मामलों में भारी कमी आई है।’
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ब्रिटेन में बीते दो हफ्तों के दौरान कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से गिरावट आई है। इससे विशेषज्ञ हैरत में हैं। आम अनुमान यह लगाया गया था कि पिछले 19 जुलाई देश में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को हटाए जाने के बाद संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी होगी। उसके ठीक पहले देश में कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट की वजह से नए संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे थे। मगर अनिवार्य सोशल डिस्टेसिंग को खत्म करने के बाद असल में मामलों में भारी गिरावट आई है।
बीती 17 जुलाई को ब्रिटेन में नए संक्रमण के 54,674 मामले सामने आए थे। जबकि दो अगस्त सिर्फ 22,287 नए मामले सामने आए। ऐसा होने का अनुमान न तो विशेषज्ञों ने लगाया था, और न ही बोरिस जॉनसन सरकार इसकी उम्मीद कर रही थी। बल्कि स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने तो आशंका जताई थी कि गर्मियों के मध्य तक रोजाना औसतन एक लाख नए केस सामने आ सकते हैं।
ब्रिटेन की रॉयल स्टैटिस्टिकल सोसायटी के पूर्व उपाध्यक्ष केविन मैकॉन्वे ने फ्रांस के टीवी चैनल फ्रांस-24 से कहा- ’20 जुलाई के बाद से जिस तरह संक्रमण के मामलों में लगातार गिरावट आई है, उससे हम आश्चर्यचकित हैं।’ शुरुआत में विशेषज्ञों ने कहा कि मामलों में गिरावट आरटी-पीसीआर टेस्ट में कमी आने की वजह से दिख रही है। लेकिन जल्द ही ये साफ हो गया कि असल कारण यह नहीं है। लिवरपूल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसीन में संक्रामक रोग विशेषज्ञ थॉमस विंगफील्ड ने कहा- ‘आरंभ में अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या स्थिर हो गई और फिर यह गिरने लगी। उससे इस बात की पुष्टि हुई है कि सचमुच संक्रमण के नए मामलों में भारी कमी आई है।’
अब विशेषज्ञ इसकी वजहों को समझने की कोशिश में जुटे हैं। विंगफील्ड ने कहा- ‘गर्म मौसम के कारण लोग घरों से बाहर- खुले स्थलों पर ज्यादा रहने लगे। घरों में भी दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखी जाने लगीं। इससे वेंटिलेशन सुधरा। ये बात ध्यान में रखनी चाहिए कि खुले वातावरण में कोरोना वायरस कम संक्रमित होता है।’
अब विशेषज्ञ इस ओर भी इशारा कर रहे हैं कि जून-जुलाई में संक्रमण का फैलाव यूरो फुटबॉल टूर्नामेंट की वजह से हुआ। मैकॉन्वे ने कहा कि विशेषज्ञों ने पहले अनुमान लगाते वक्त इस पहलू को ध्यान में नहीं रखा था। टूर्नामेंट के कारण स्टेडिमों, पब और सड़कों पर भीड़ जुटी। उससे संक्रमण फैला। 11 जुलाई टूर्नामेंट खत्म होने के बाद ये कारण दूर हो गया। इससे कुछ दिनों के उपरांत संक्रमण में कमी आने लगी।
प्रधानमंत्री जॉनसन ने जब सोशल डिस्टेंसिंग के नियम हटाए थे, तब उनकी कई हलकों से कड़ी आलोचना हुई थी। अब पूछा जा रहा है कि क्या आखिरकार जॉनसन सही साबित हुए। मैकॉन्वे का कहना है- ‘इस बारे में अभी कुछ कहना बहुत जल्दबाजी होगी। अभी भी ये खतरा बना हुआ है कि नए मामले घटने पर लोग सावधानी में ढील देने लगेंगे। उससे संक्रमण नए सिरे से फैल सकता है।’ इसी आशंका के कारण विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाएं और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते रहें।