फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Evidence of the presence of water found at the Ultima Thule: NASA

धरती से सबसे दूर अल्टिमा थुले पर मिले पानी की मौजूदगी के सबूत : नासा

Mon, 20 May 2019 06:17 AM IST
गौरव द्विवेदी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव द्विवेदी Updated Mon, 20 May 2019 06:17 AM IST
विज्ञापन
Evidence of the presence of water found at the Ultima Thule: NASA
अल्टिमा थुले (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

अमेरिकी वैज्ञानिकों को धरती से करीब 4 अरब मील दूर स्थित अल्टिमा थुले की सतह पर पानी की मौजूदगी के सबूत मिले हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अल्टिमा थुले की पहला प्रोफाइल अपने साइंस जर्नल में प्रकाशित किया है, जिसमें इसकी सतह पर पानी की जमी बर्फ, मेथेनॉल और कार्बनिक अणुओं के मिश्रण की मौजूदगी पाई गई है। अल्टिमा थुले इंसान की तरफ से खोजी गई आज तक की सबसे दूर की सतह है।

विज्ञापन


कूइपर बेल्ट (अंतरिक्ष का एक दूरस्थ हिस्सा) में स्थित ऑब्जेक्ट 2014 एमयू69 नामक पिंड को अल्टिमा थुले नाम दिया गया है। नासा के न्यू होराइजन्स अंतरिक्ष यान ने 2019 में नए साल के मौके पर उड़ान के दौरान इस पिंड का डाटा इकट्ठा किया था, जिसके पहले सेट का विश्लेषण करने के बाद अंतरिक्ष की जटिल दुनिया के बारे में और अधिक जानकारी मिली है। इस सेट के विश्लेषण से अल्टिमा थुले के विकास, भूविज्ञान और रचना के बारे में बहुत कुछ खुलासा हुआ है, जिनमें इसकी सतह पर खास निशान, पहाड़नुमा आकृतियां और ज्वालामुखी के विस्फोट से बनने वाले गड्ढे भी शामिल हैं। इस पिंड की सतह कूइपर बेल्ट के अन्य पिंडों की तरह ही गहरी लाल है। इसका कारण सतह पर कार्बनिक तत्वों की ज्यादा मौजूदगी को माना जा रहा है। 
विज्ञापन


8 किमी चौड़े क्रेटर में है दिलचस्पी
शोधकर्ता अल्टिमा थुले की सतह की विशेषताओं का भी अध्ययन कर रहे हैं। उन्हें यहां पर ज्वालामुखी के विस्फोट से बनने वाले गड्ढे (क्रेटर) जैसा ही एक निशान मिला है, जो करीब 8 किलोमीटर चौड़ा है। इसे मैरीलैंड क्रेटर का नाम दिया गया और माना जा रहा है कि यह इसकी सतह पर किसी बड़े पिंड के टकराने से बना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी खत्म नहीं हुआ न्यू होराइजन्स का सफर
अल्टिमा थुले का डाटा देने वाले नासा के अंतरिक्ष यान न्यू होराइजन्स का सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। पृथ्वी से करीब 6.6 अरब किलोमीटर दूर पहुंच चुका यह यान अब भी कूइपर बेल्ट से नया डाटा भेज रहा है। नासा के मुताबिक, यान का संचालन सामान्य है और वह कूइपर बेल्ट में करीब 5 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है।

एक नजर में
04 अरब मील दूर स्थित है पृथ्वी से
36 किलोमीटर है पिंड की लंबाई
2020 तक आएगा पिंड का पूरा डाटा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed