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यूरोप के धुर-दक्षिणपंथी नेताओं का नहीं टूटा है ट्रंप से मोह, नाम लिए बिना की कैपिटल हिल हमले की आलोचना

Sat, 09 Jan 2021 05:24 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 09 Jan 2021 05:24 PM IST
सार

दुनिया के ज्यादातर नेता ट्रंप को अपना रोल मॉडल मानते रहे हैं। ट्रंप ने जिस तरह ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ के नारे से अमेरिका में धुर दक्षिणपंथी समूहों को गोलबंद किया, यूरोप के ये नेता अपने-अपने देशों में उसे आगे बढ़ने का फॉर्मूला समझते रहे हैं...

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European right-wing Political leaders still attachment to Trump, criticized Capitol Hill attack without naming anyone
कैपिटल परिसर में ट्रंप के समर्थकों की पुलिस से झड़प हो गई। - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

यूरोप के धुर-दक्षिणपंथी नेताओं ने हालांकि वाशिंगटन में कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद भवन) पर हुए हमले की आलोचना की है, लेकिन उन्होंने ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बचाते हुए किया है। गौरतलब है कि इनमें से ज्यादातर नेता ट्रंप को अपना रोल मॉडल मानते रहे हैं। ट्रंप ने जिस तरह ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ के नारे से अमेरिका में धुर दक्षिणपंथी समूहों को गोलबंद किया, यूरोप के ये नेता अपने-अपने देशों में उसे आगे बढ़ने का फॉर्मूला समझते रहे हैं।

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फ्रांस की धुर-दक्षिणपंथी नेता मेरी ली पेन ने पिछले बुधवार की घटना के बाद कहा- हिंसा की तस्वीरों से मैं सदमे में हूं। लोकंतत्र में हमें प्रतिरोध के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन ऐसा शांतिपूर्ण ढंग से होना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने वाला कोई हिंसक कदम मंजूर नहीं है। ली पेन नेशनल रैली पार्टी की नेता हैं। संभावना है कि 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में वे एक प्रमुख उम्मीदवार होंगी। ली पेन ने वाशिंगटन की घटना के लिए ‘कुछ चरमपंथियों’ को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि हमें उन्हें और उन सात करोड़ लोगों को मिलाकर नहीं देखऩा चाहिए, जिन्होंने ट्रंप को वोट दिया है।
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यूरोप के दूसरे धुर दक्षिणपंथी नेताओं की प्रतिक्रिया भी लगभग इसी लाइन पर रही है। उन्होंने चंद चरमपंथियों की निंदा की है, लेकिन कैपिटल हिल पर हमले के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी की नेता निकोला प्रोकाचिनी ने कहा कि हमला कुछ विवेकहीन लोगों ने किया, जो ऐसा लगता है कि देहातों से आए थे। इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि संसदों को किसी प्रकार की हिंसा से बचाया जाना चाहिए। इसी पार्टी के नेता गियोर्गिया मेलोनी ने तो यहां तक कह दिया कि ट्रंप के अनुरोध करते ही हिंसा थम गई। मेलोनी यूरोपियन कंजरवेटिव एंड रिफॉर्मिस्ट पार्टी की अध्यक्ष भी हैं।
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ट्रंप के जिन समर्थकों ने कैपिटल हिल पर हमला किया, उनमें से कई नाजीवादी प्रतीक चिह्नों का प्रदर्शन कर रहे थे। कुछ की शर्ट पर ‘कैंप ऑसविट्ज’ और ‘6 एमडब्ल्यूई’ लिखे हुए थे। ऑसविट्ज कैंप में हिटलर ने हजारों यहूदियों को गैस चैंबर में डाल कर मार डाला था। हिटलर ने कुल साठ लाख यहूदियों की हत्या की थी। ‘6 एमडब्ल्यूई’ को सिक्स मिलियन वाज नॉट इनफ यानी साठ लाख लोग काफी नहीं थे, कहा जाता है। नाजी हिंसा का केंद्र रह यूरोप में ट्रंप समर्थकों के नाजीवादी रुझान के कारण छह जनवरी की घटना पर बहुत तीखी प्रतिक्रिया हुई है। इसके बावजूद धुर दक्षिणपंथी नेताओं ने ट्रंप को अपनी आलोचना से दूर रखा है।  

खुद यूरोप में नियुक्त एक अमेरिकी राजनयिक ने वेबसाइट पोलिटिको.ईयू से बातचीत में यह स्वीकार किया कि ट्रंप के कार्यकाल में दुनिया में अमेरिकी साख को बहुत नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि दशकों से लोकतंत्र और कानून के शासन को बढ़ावा देना अमेरिकी कूटनीति का केंद्रीय पक्ष रहा। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में खुद अमेरिका में लोकतंत्र विरोधी रूझानों से अमेरिका की साख क्षतिग्रस्त हुई है। राजनयिक ने कहा कि छह जनवरी को जो हुआ, उससे ये भावना अब चरम पर पहुंच गई है कि अमेरिका को दूसरे देशों पर स्वतंत्रता या खुलेपन की नीति अपनाने के लिए दबाव डालने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

लेकिन हंगरी के धुर-दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन की समर्थक एक वेबसाइट ने छह जनवरी की घटना के बाद एक टिप्पणी में कहा कि ट्रंप आरंभ से ही हर प्रकार के हिंसक आंदोलनों की निंदा करते रहे हैं। इसी टिप्पणी में अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव नतीजे को संदिग्ध बताया गया। यूरोपियन संसद में ऑर्बन की फिडेस्ज पार्टी के सदस्य तामस डेयूश ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि अमेरिका ने पहले ही ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन में अराजकता देखी थी। अब उससे ज्यादा कुछ नहीं हो सकता। अतीत में ऑर्बन खुलेआम ट्रंप की राजनीतिक शैली की प्रशंसा करते रहे हैं।


इटली की धुर-दक्षिणपंथी लीग पार्टी के नेता मार्को जानी ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी अपने को अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी के रुख के करीब पाती है। पिछले चार साल में व्हाइट हाउस के उठाए अनेक कदमों का उसने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद हिंसा उचित नहीं है। बेहतर है कि ऐसा नहीं होता। लेकिन ट्रंप के बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा।

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