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Russia Ukraine War: यूक्रेन युद्ध से हथियार कंपनियों की चांदी, मंदी के दौर में उनका तेजी से बढ़ा मुनाफा

Fri, 11 Mar 2022 03:55 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 11 Mar 2022 03:55 PM IST
सार

विशेषज्ञों के मुताबिक ये घटनाक्रम हथियार निर्माता कंपनियों के लिए बड़ी खुशहाली लेकर आया है, जिन कंपनियों को सबसे ज्यादा मुनाफा होगा, उनमें हेयथियॉन और लॉकहीड मार्टिन शामिल हैं। ये दोनों अमेरिकी कंपनियां हैं। यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से लॉकहीड के शेयरों के भाव में 16 फीसदी और रेयथियॉन के शेयर की कीमत में तीन फीसदी का उछाल आया है...

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European countries budget drastically increase due to Russian attack on Ukraine
रूस-यूक्रेन युद्ध - फोटो : पीटीआई

विस्तार

यूक्रेन पर रूसी हमले के कारण यूरोपीय देशों को अब अपने रक्षा खर्च में भारी बढ़ोतरी करनी पड़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि नए बने हालात में हथियारों की होड़ अब और तेज हो जाने की पूरी संभावना है। इसका सबसे ज्यादा फायदा हथियार बनाने वाली अमेरिकी कंपनियों को होगा।

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कुछ दिन पहले यूरोपियन यूनियन (ईयू) ने एलान किया कि वह 45 करोड़ यूरो के हथियारों की खरीदारी कर उन्हें यूक्रेन भेजेगी। उधर अमेरिका ने 35 करोड़ डॉलर के हथियार यूक्रेन भेजने की घोषणा की है। अमेरिका बीते एक साल में पहले ही 65 करोड़ डॉलर के हथियार और 90 टन सैन्य सामग्रियों को यूक्रेन भेज चुका है। वेबसाइट एशिया टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) में उसके सहयोगी देश 17 हजार टैंक भेदी हथियार और दो हजार विमान भेदी स्टिंगर मिसाइलें यूक्रेन भेज रहे हैं। जिन देशों ने यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई करने की घोषणा की है, उनमें ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, टर्की और कनाडा भी शामिल है।

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शेयरों में उछाल

विशेषज्ञों के मुताबिक ये घटनाक्रम हथियार निर्माता कंपनियों के लिए बड़ी खुशहाली लेकर आया है, जिन कंपनियों को सबसे ज्यादा मुनाफा होगा, उनमें हेयथियॉन और लॉकहीड मार्टिन शामिल हैं। ये दोनों अमेरिकी कंपनियां हैं। यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से लॉकहीड के शेयरों के भाव में 16 फीसदी और रेयथियॉन के शेयर की कीमत में तीन फीसदी का उछाल आया है। ये इजाफा उस समय हुआ, जब एसएंडपी 500 कंपनियों के शेयरों के कुल भाव में एक फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। उधर ब्रिटेन की सबसे बड़ी हथियार निर्माता कंपनी बीएई सिस्टम्स के शेयरों के भाव 26 प्रतिशत उछले हैं।

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एशिया टाइम्स की खबर के मुताबिक हमले के पहले ही जब यूक्रेन के मुद्दे पर रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ रहा था, तभी बड़ी हथियार निर्माता कंपनियों ने अपने निवेशकों को मुनाफे में संभावित वृद्धि की जानकारी देनी शुरू कर दी थी। रेथियॉन कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव ग्रेगरी जे हेयस ने बीते 25 फरवरी को निवेशकों के साथ बातचीत में विभिन्न देशों के रक्षा खर्च में बढ़ोतरी की संभावना बताई थी। उन्होंने कहा था कि उससे उनकी कंपनी को मुनाफा होगा। इसी रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन पर हमले के पहले ही वैश्विक रक्षा उद्योग के मुनाफे में 2022 में सात फीसदी बढ़ोतरी की संभावना जताई गई थी।

तुर्की भी हुआ शामिल

अमेरिका दुनिया में हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक है। 2016-17 में हथियारों के कारोबार में उसका हिस्सा 37 फीसदी रहा। उसके बाद रूस का नंबर था। इस अवधि में इस कारोबार में रूस का हिस्सा 20 फीसदी, फ्रांस का आठ फीसदी, जर्मनी का छह फीसदी और चीन का पांच फीसदी रहा।



विशेषज्ञों के मुताबिक अब दुनिया में बन रही हालत के बीच इन पांचों देशों के अलावा भी कुछ देश हैं, जिनकी हथियार निर्माता कंपनियों की आमदनी बढ़ सकती है। यूक्रेन को हथियार देने वाले देशों में तुर्की भी शामिल हुआ है। उधर इजराइल ने इस कारोबार में अपना वैश्विक हिस्सा तीन प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य घोषित किया है। रूस 2014 से ही अपने रक्षा उद्योग को चुस्त-दुरुस्त बनाने में जुटा रहा है।

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