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जाइल्स फुक्स की कहानी, एक फेल छात्र कैसे बना अरबपति

Wed, 16 Aug 2017 11:05 AM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Wed, 16 Aug 2017 11:05 AM IST
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Story of failed student become billionaire
जाइल्स फुक्स - फोटो : बीबीसी

जाइल्स फुक्स अपने ए-लेवल के नतीजों में फेल हो गए थे और पहले की तरह ही उस रात उनका पूरा परिवार खाने की मेज पर डिनर कर रहा था। खाने के दौरान उनके पिता ने उनसे कुछ नहीं कहा। जब प्लेटें हटा ली गईं तो उन्होंने अपने बेटे से कहा, 'जाइल्स, मैं उम्मीद करता हूं कि तुम मेहनत कर सकते हो।'

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खराब नतीजों के बाद भी अगले दिन मिस्टर फुक्स ने नॉर्थैम्पटनशायर की सबसे बड़ी एस्टेट एजेंट चेन का दरवाजा नौकरी मांगने के लिए खटखटाया। उस किशोर ने मैनेजर से कहा, 'मैं सबसे बढ़िया मोल-तोल करूंगा।' जवाब मिला, 'तुम सोमवार से आ सकते हो?'
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52 साल के जाइल्स फुक्स अब अरबपति हैं। वह 'ऑफिस स्पेस इन टाउन' (ओसिट) के सह-संस्थापक और बॉस हैं। वह बताते हैं कि ईस्ट मिडलैंड्स में एस्टेट एजेंसी में तीन साल के काम से उन्हें बेशकीमती अनुभव मिला।
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वह बताते हैं, 'मैंने सीखा कि लोगों से कैसे बात करनी है और कैसे बेचना है।' 1987 में जाइल्स 21 साल के थे, जब उन्होंने एक दोस्त के साथ एस्टेट एजेंट्स की अपनी कंपनी शुरू की। उनका बिजनेस कामयाब रहा। इसके बाद उन्होंने मुनाफा देने वाले कई काम शुरू किए, जिनमें एक डिजास्टर रिकवरी कंपनी भी शामिल थी।

फिर 2010 आया, जब उन्होंने अपनी बहन निकी के साथ मिलकर 'ओसिट' कंपनी शुरू की। सिर्फ सात साल में ओसिट का सालाना राजस्व 20 मिलियन पाउंड्स यानी 166 करोड़ रुपये है। उनकी कंपनी की कीमत 1665 करोड़ रुपये (200 मिलियन पाउंड्स) से ज्यादा आंकी गई है। लंदन में उनकी छह और बाकी ब्रिटेन में चार इमारतें हैं।

जाइल्स को मां के नक्श-ए-कदम पर चलकर मिली मंजिल

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जाइल्स और उनकी बहन निकी - फोटो : बीबीसी

मां के नक्श-ए-कदम पर

जाइल्स फुक्स और उनकी बहन का ओसिट शुरू करने का फैसला अपने परिवार की परंपरा के नक्शे-कदम पर चलने जैसा ही था। 1979 में उनकी मां ने ब्रिटेन में ऐसा पहला बिजनेस शुरू किया था। बाद में उसे निकी चलाने लगी थीं और फिर जाइल्स फुक्स भी उनके साथ आ गए थे। लेकिन 2005 में आखिर कंपनी बेच दी गई।

भीड़ से अलग दिखने के लिए ओसिट की हर इमारत को अलग तरीके से डिजाइन किया गया है। जाइल्स कहते हैं, 'इससे हर इमारत को अनूठा किरदार और व्यक्तित्व मिल गया है।' चूंकि ये मलिकाना हक वाली इमारतें हैं, इसलिए ओसिट के लिए बाल काटने का सैलून, जिम, कैफे, बार जैसी अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ना भी आसान हो गया।

आज मां-पिता खुश हैं

जाइल्स ब्रेग्जिट के पक्के समर्थक हैं और मानते हैं कि ब्रिटेन काफी अच्छा कर रहा है। वह कहते हैं, 'लंदन में इस वक्त पैसों की दीवार पहुंच रही है।' ओसिट में जाइल्स चीफ एग्जीक्यूटिव हैं और उनकी बहन मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। काम का बंटवारा बताते हुए वह कहते हैं, 'निकी रोजाना के बिजनेस चलाने का काम-काज देखती है। मैं फाइनेंस जुटाने, इमारतें खोजने और नीति बनाने का काम करता हूं।' भले ही जाइल्स फुक्स ए लेवल की परीक्षाओं में अच्छा नहीं कर पाए, लेकिन आज उनके पिता उनसे बहुत खुश हैं। वह बताते हैं, 'हमारे माता-पिता हम पर बहुत गर्व करते हैं।'

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