{"_id":"e6a8b892f61e51301deadcb9849074ce","slug":"spain-train-driver","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्पेन ट्रेन हादसा: 'फोन पर बात' कर रहा था ड्राइवर","category":{"title":"Europe","title_hn":"यूरोप","slug":"europe"}}
स्पेन ट्रेन हादसा: 'फोन पर बात' कर रहा था ड्राइवर
Updated Wed, 31 Jul 2013 08:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले सप्ताह स्पेन में हुई ट्रेन दुर्घटना की जाँच के दौरान ये बात सामने आई है कि जिस समय तेज़ गति से चल रही ट्रेन पटरी से उतरी, उस समय ट्रेन का ड्राइवर फोन पर बात कर रहा था।
विज्ञापन
जाँचकर्ताओं ने अदालत को ये जानकारी दी है। इस दुर्घटना में 79 लोगों की मौत हो गई थी।
गैलिसिया की अदालत में सुनवाई के दौरान जाँचकर्ताओं ने बताया कि फ़्रांसिस्को होसे गार्ज़न एमो उस समय सरकारी रेलवे कंपनी रेनफ़े के कर्मचारियों से फ़ोन पर बात कर रहे थे।
विज्ञापन
दुर्घटना की जाँच कर रहे अधिकारियों ने ट्रेन के ब्लैक बॉक्स डेटा रिकॉर्डर को सुना, जिसमें आवाज़ें रिकॉर्ड होती हैं।
अदालत ने एक बयान में कहा है कि दुर्घटना से ठीक पहले ये ट्रेन 192 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल रही थी। जाँच अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना से पहले ट्रेन में ब्रेक लगाए गए थे।
विज्ञापन
जिस मोड़ पर ट्रेन पटरी से उतरी, वहाँ की गति सीमा 83 किलोमीटर प्रति घंटा तय थी।
बयान
अदालत ने बयान में कहा है, "ट्रेन के पटरी से उतरने से पहले ड्राइवर को उनके आधिकारिक फ़ोन पर कॉल आया था। ये कॉल उस मार्ग के लिए संकेत पाना था, जो उन्हें फेरोल पहुँचने के लिए लेना था। बातचीत की विषय वस्तु से और पृष्ठभूमि से आ रही आवाज़ों से ऐसा लगता है कि ड्राइवर ने नक्शे या काग़ज़ी दस्तावेज़ के बारे में सलाह ली थी।"
ड्राइवर गार्ज़न पर लापरवाही से हत्या का संदेह व्यक्त किया जा रहा है। स्पेन के क़ानून के मुताबिक़ वे लापरवाही से 79 लोगों की हत्या के संदिग्ध हैं, लेकिन उनके ख़िलाफ़ अभी औपचारिक रूप से मामला दर्ज नहीं हुआ है।
सैंटियागो डी कॉम्पोस्टेला में उन्हें हिरासत में रखा गया था, लेकिन रविवार को उन्हें रिहा कर दिया गया। वो अब अदालत की निगरानी में रहेंगे।
उन्हें सप्ताह में एक बार अदालत में पेश होने को कहा गया है और बिना अनुमति के वे स्पेन छोड़कर नहीं जा सकते। उनका पासपोर्ट जज के पास है और ट्रेन चलाने का उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि ड्राइवर गार्ज़न ने अपनी भूल स्वीकार की है और माना है कि उन्होंने मोड़ पर ट्रेन को तेज़ गति से चलाकर लापरवाही की है।
दुर्घटना में ट्रेन के सभी आठ डिब्बे पटरी से उतर गए थे। सोमवार को मारे गए लोगों की याद में एक प्रार्थनासभा का आयोजन किया गया था।