फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Europe ›   Scientists are trying to unravel mystery of handwriting

लिखावट जिसका रहस्य जानने में जुटे हैं वैज्ञानिक

Thu, 25 Oct 2012 08:58 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Thu, 25 Oct 2012 08:58 PM IST
विज्ञापन
Scientists are trying to unravel mystery of handwriting

यह लिखावट कांस्य युग की है और ये वो वक्त है जब मानव सभ्यता भुखमरी की कगार पर थी।

विज्ञापन


शोधकर्ताओं ने इस लिखावट को नाम दिया है प्रोटो-ऐलामाइट जिसका इस्तेमाल 3200 ईसा पूर्व से 2900 ईसा पूर्व के बीच किया जाता था। जिस इलाके में यह लिखावट पाई गई वह इलाका आज ईरान के नाम से जाना जाता है।

बीबीसी संवाददाता सीगन कॉगलन के मुताबिक ऑक्सफोर्ड के ऐशमोलियन संग्रहालय में चमकती रोशनी के बीच एक काले बक्से रुपी मशीन में रखी हैं वो बेहतरीन तस्वीरें जो अब इस लिखावट की दस्तावेज़ हैं।
विज्ञापन


वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खास मशीन के ज़रिए मिट्टी की उन ‘टेबलेट’ रुपी पट्टियों को हर कोण से देखा जा सकता है जिनपर यह लिखावट सुरक्षित है। इस नई मशीन के ज़रिए शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इस लिखावट से जुड़े राज़ समझने में उन्हें कामयाबी मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑक्सफोर्ड के वुल्फसन कॉलेज से जुड़े जेकब डाहल के मुताबिक, ''मुझे लगता है कि आखिरकार हम उस समय पर पहुंच गए हैं जब हमें एक बड़ी कामयाबी मिलने वाली है।''

विलुप्त लिखावट
लेकिन क्या वजह है कि इस लिखावट को समझना इतना मुश्किल रहा है?

डॉक्टर डाहल के मुताबिक एक वजह तो ये है कि विशेषज्ञों को न इन चिन्हों की कोई जानकारी है और न ही इस लिखावट की शैली किसी दूसरी प्रागैतिहासिक भाषा से मिलती है।

साथ ही पिछले दिनों हुए कुछ अध्ययनों में यह सामने आया कि इस लिखावट में कुछ गलतियां भी थीं जिसके चलते शोधकर्ता भ्रमित हुए।

समस्या ये भी है कि ये एक लिखित भाषा है और इस भाषा में शब्द कैसे बोले जाते थे इसके बारे में कोई जानकारी मौजूद नहीं है। ऐसे में भाषा से जुड़े कई संकेतों का पता लगाना भी मुश्किल है।


वैज्ञानिकों के मुताबिक अब तक मिली जानकारियां ये कहती हैं कि इस लिखावट के ज़रिए उस दौर के लोगों ने कविताएं या साहित्य नहीं लिखा बल्कि व्यापार और रोज़मर्रा के कामकाज से जुड़ी जानकारियां बांटी हैं।

लिखावट का लेखाजोखा
--इस लिखावट को प्रोटो-एलामाइट का नाम दिया गया है।
--ये लिखावट वर्तमान ईरान के इलाके में इस्तेमाल की जाती थी।
--गीली मिट्टी की पट्टियों पर ये लिखावट दाईं से बाईं ओर लिखी जाती थी।
--कांस्य युग की जानकारियां समेटे इस लिखावट की एक हज़ार टेबलेट मौजूद हैं।
--सबसे पहले इस लिखावट की जानकारी 19सवीं सदी में फ्रांस के पुरातत्ववेत्ताओं को हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed