शरणार्थियों संग मजाक या मदद? सऊदी अरब की पेशकश पर बवाल
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लेकिन जर्मनी की चांसलर एंजेला मॉर्केल के साथ गठबंधन वाली सीएसयू पार्टी के जनरल सेक्रेट्री ने एंड्रिया चेउअर इस पेशकश को कुटिल करार देते हुए इसकी निंदा की है।
चेउअर ने कहा कि ये पेशकश कुटिलता की हद पार कर रही है। यह कोई मुस्लिम भाईचारा नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य शरणार्थियों के लिए अपने दरवाजे नहीं खोल सकता है तो अरब में एकजुटता कहां है?
'मस्जिदें बनवाने के बजाय आईएसआईएस को मदद बंद करे सऊदी'
कंजरवेटिव राजनेताओं के मुताबिक सऊदी अरब यमन में सैन्य अभियान के नाम पर शरणार्थियों को पैदा कर रहा है। नेताओं के मुताबिक जर्मनी शरणार्थियों के लिए किसी तरह के कैश डोनेशन को नहीं चाहता है, बल्कि उनकी मदद के लिए एकजुटता चाहता है।
उधर सीडीयू पार्टी के उपाध्यक्ष आरमिन लाचेट ने कहा है कि ये बेहतर होगा कि सऊदी अरब को मस्जिदें बनवाने के बजाय आईएसआईएस को आर्थिक मदद देना बंद करे।
इससे पहले सीरिया के पड़ोसी देशों आरोप लगते रहे हैं कि उन्होंने शरणार्थियों की मदद के लिए मानवीय रुख अख्तियार नहीं किया।
सऊदी अरब से ये ऑफर उस समय आया जब 10 हजार शरणार्थियों ने हंगरी की सीमा का रुख कर लिया। इस साल शरणार्थिओं की संख्या बढ़कर 8 लाख हो सकती है। लेबनान के एक अखबार अल दियार में प्रकाशित खबर के मुताबिक सऊदी अरब ने जर्मनी में पनाह लेने वाले मस्जिद बनाने की बात कही है।