ब्रिटेन से बाहर नहीं जा पाएगा महारानी विक्टोरिया का ताज
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नीलम और हीरा जड़ित महारानी विक्टोरिया के ताज को ब्रिटेन से निर्यात किए जाने पर 27 दिसंबर तक पाबंदी लगा दी गई है, ऐसा इसलिए किया गया है ताकि इस मुकुट को ब्रिटेन से बाहर बेचना संभव नहीं हो।
महारानी विक्टोरिया के पति प्रिंस अलबर्ट ने साल 1840 में अपनी शादी के समय इस मुकुट को खुद डिजाइन किया था और इसे महारानी को तोहफे में दिया था। नीलम और हीरा जडित मुकुट के देश से बाहर जाने का खतरा बना हुआ है।
इसकी शुरुआती कीमत 50 लाख पाउंड यानी लगभग 44 करोड़ रुपए रखी गई है और इस पाबंदी से पहले ये संभव था कि ब्रिटेन के बाहर का कोई खरीददार इसे खरीद लेता। यह पाबंदी इसके मौजूदा मालिक के निर्यात लाइसेंस हासिल करने के लिए दिए गए आवेदन के बाद लगाया गया है।
ब्रिटेन के सांस्कृतिक मंत्री मट हैंकॉक ने कहा कि ''यह मुकुट ब्रिटेन की सबसे मशहूर प्रेम कहानी की निशानी है।''
इसमें 11 नीलम सोने के साथ और हीरों को चांदी के साथ जडा गया
मुकुट की चौडाई 11.5 सेंटीमीटर है। इसमें 11 नीलम सोने के साथ और हीरों को चांदी के साथ जडा गया है। महारानी विक्टोरिया को यह मुकुट और ब्रौच (मुकुट के साथ पहना जाने वाला एक अाभूषण) प्रिंस अलबर्ट ने शादी के एक दिन पहले दिया था।
साल 1842 में फ्रांज जैवर विंटरहाल्टर ने महारानी विक्टोरिया की आदमकद पेंटिंग तैयार की थी जिसमें वो मुकुट और ब्रौच पहने नजर आ रही हैं। कला परिषद ने सांस्कृतिक रुचि का ध्यान रखने वाली समीक्षा समिति की सिफारिश पर मुकुट के निर्यात पर अस्थाई प्रतिबंध लगाया है।
समिति के सदस्य फिलिप ग्लानविले ने कहा कि यह मुकुट उस समय की कला से परिचित कराता है और इसका देश के बाहर जाना ब्रिटिश इतिहास के लिए बडा नुकसान होगा।