15 साल के इस बच्चे ने ढूंढ़ा गंभीर बीमारी का इलाज
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मनुष्य की यादाश्त पर सीधे तौर पर नुकसान पहंचाने वाली बीमारी अलजाइमर पर एक एंटीबॉडी विकसित कर ली गई है। ये एंटीबॉडी लगभग 10 साल पहले ही आपके शरीर में अलजाइमर के पहले लक्षणों को पहचानकर उसका इलाज कर देगी।
पर इसमें जो चौंकाने वाली बात ये है कि इस संभावित जांच को विकसित करने वाला कोई वैज्ञानिक दल नहीं बल्कि 15 साल का स्कूल जाने वाला लड़का है।
कीर्तिन नित्यानंदम लंदन के सूरे में रहते हैं और भारतवंशी हैं। कीर्तिन ने अपनी इस खोज को 'ट्रोजन हार्स' नाम दिया है। ये एंटीबॉडी आपके मस्तिष्क के अंदर खून के रास्ते जाकर इस बीमारी के पहले लक्षण यानि न्यूरोटाक्सिस प्रोटीन से जुड़ जाएगा और बताएगा कि आपको अंदर इस गंभीर बीमारी के कोई लक्षण हैं कि नहीं।
कीर्तिन ने अपनी इस खोज को गूगल के 'सांइस फेयर प्राइज' के लिए भेजा था जिसमें उन्हें अंतिम दौर के लिए नामित कर लिया गया है। अगले महीने तक परिणाम घोषित हो जाएगें। यदि कीर्तिन ये खिताब जीतते हैं तो उन्हें स्कॉलरशिप से नवाजा जाएगा जिससे वो इस खोज को और आगे ले जा सकेंगे।
स्कूल खत्म होने के बाद मेडिकल की पढ़ाई करेगें कीर्तिन
होनहार कीर्तिन मात्र 15 साल का है और अभी स्कूल जाता है। इस भारतवंशी बच्चे के महत्वपूर्ण कारनामे से सभी काफी प्रभावित है। कीर्तिन को बचपन से ही सुनने में थोडी़ दिक्कत रहती है। इसलिए वो स्कूल खत्म होने के बाद मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं।
अलजाइमर और डीमेंशिया जैसी बीमारियों में सबसे बड़ी समस्या ये आती है इनके लक्षणों को समय रहते पता नहीं चल पाता जिसके बाद इनका सही इलाज होना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कीर्तिन की ये खोज इसमें काफी मदद करेगी। यहीं नहीं ये टेस्ट अलजाइमर के लक्षणों को ही नहीं पहचानेगा बल्कि इसके पहले लक्षणों को दशकों पहले पहचान लेगा।