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डार्क वेब पर 350 रुपये में बिकती आपकी फेसबुक लॉगइन, कंटेंट मार्केटिंग एजेंसी फ्रैक्टल ने दी चेतावनी
एजेंसी, लंदन
Updated Sat, 24 Mar 2018 04:44 AM IST
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जब लोगों से पूछा जाता है कि उनकी निजता की कीमत क्या है, तो ज्यादातर कहते हैं, बेशकीमती। पर दुर्भाग्य से हैकर इतने मासूम नहीं है। वे आपकी निजी जानकारियां डार्क वेब पर कौड़ियों के दाम बेच रहे हैं। हालिया शोध में दावा किया गया है कि डार्क वेब पर एक फेसबुक लॉगइन की कीमत सिर्फ 350 रुपये है।
फेसबुक के डाटा लीक की खबरों के बीच कंटेंट मार्केटिंग एजेंसी फ्रैक्टल ने पिछले महीने तीन बड़े डार्क वेब के मार्केट प्लेस, ड्रीम, प्वाइंट और वॉल स्ट्रीट मार्केट का अध्ययन किया गया। सबसे पहले उन्होंने एक टॉर (द ऑनियन रूटर इंटरनेट ) नेटवर्क लिया, जिससे यूजर इंटरनेट ब्राउज बिना पहचान के खुलासे के कर सकते हैं।
डार्क नेट तक पहुंचने के लिए यह सबसे जरूरी चीज है। शोधकर्ताओं ने पाया कि फेसबुक लॉगिन तो 5.20 डॉलर में बिक रही है। इसकी कीमत इतनी सस्ती इसलिए है क्योंकि फेसबुक ढेरों थर्ड पार्टी एप जैसे क्वीज ऐप, गेम ऐप को सोशल नेटवर्क में घुसने की इजाजत देता है। इसलिए हैकर आसानी से इनका डाटा उड़ा लेते हैं।
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फेसबुक के डाटा लीक की खबरों के बीच कंटेंट मार्केटिंग एजेंसी फ्रैक्टल ने पिछले महीने तीन बड़े डार्क वेब के मार्केट प्लेस, ड्रीम, प्वाइंट और वॉल स्ट्रीट मार्केट का अध्ययन किया गया। सबसे पहले उन्होंने एक टॉर (द ऑनियन रूटर इंटरनेट ) नेटवर्क लिया, जिससे यूजर इंटरनेट ब्राउज बिना पहचान के खुलासे के कर सकते हैं।
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डार्क नेट तक पहुंचने के लिए यह सबसे जरूरी चीज है। शोधकर्ताओं ने पाया कि फेसबुक लॉगिन तो 5.20 डॉलर में बिक रही है। इसकी कीमत इतनी सस्ती इसलिए है क्योंकि फेसबुक ढेरों थर्ड पार्टी एप जैसे क्वीज ऐप, गेम ऐप को सोशल नेटवर्क में घुसने की इजाजत देता है। इसलिए हैकर आसानी से इनका डाटा उड़ा लेते हैं।
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80 हजार में पूरा ऑनलाइन प्रोफाइल बिकता है
फेसबुक
80 हजार में तो पूरा ऑनलाइन प्रोफाइल बिक जाता है
हैकर डार्क वेब पर किसी भी व्यक्ति की पूरी ऑनलाइन प्रोफाइल 1200 डॉलर यानी करीब 80 हजार रुपये में बेचने का दावा किया जा रहा है। इसमें बैंक और क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी भी शामिल रहती है। जीमेल का यूजर नेम और पासवर्ड एक डॉलर में तो उबर की लॉगइन डिटेल सात डॉलर में बिकता है।
हैकर डार्क वेब पर किसी भी व्यक्ति की पूरी ऑनलाइन प्रोफाइल 1200 डॉलर यानी करीब 80 हजार रुपये में बेचने का दावा किया जा रहा है। इसमें बैंक और क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी भी शामिल रहती है। जीमेल का यूजर नेम और पासवर्ड एक डॉलर में तो उबर की लॉगइन डिटेल सात डॉलर में बिकता है।
इंटरनेट का अंडरवर्ड डॉर्क वेब
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इंटरनेट का अंडरवर्ड डॉर्क वेब
इंटरनेट की इस काली दुनिया में हथियार, ड्रग्स, पोर्न सब कुछ खुलेआम बिकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक टॉर का अविष्कार रक्षा सेवाओं के लिए हुआ था, ताकि पहचान गुप्त रखकर इंटरनेट चलाया जा सके। पर बाद में यहां अपराधी पहुंच गए।
टॉर में कई साइट डॉटकॉम पर नहीं डॉट ऑनियन एक्सटेंशन पर खुलती है। इसलिए ये साइटें सिर्फ टॉर पर दिखती हैं, गूगल जैसे सर्च इंजन पर नहीं। दावा है कि डॉर्क नेट की दुनिया इंटरनेट से तीन गुना विशाल है। यहां रोज करोड़ों लोग लॉगइन करते हैं, लेकिन उनकी पहचान गुप्त रहती है।
इंटरनेट की इस काली दुनिया में हथियार, ड्रग्स, पोर्न सब कुछ खुलेआम बिकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक टॉर का अविष्कार रक्षा सेवाओं के लिए हुआ था, ताकि पहचान गुप्त रखकर इंटरनेट चलाया जा सके। पर बाद में यहां अपराधी पहुंच गए।
टॉर में कई साइट डॉटकॉम पर नहीं डॉट ऑनियन एक्सटेंशन पर खुलती है। इसलिए ये साइटें सिर्फ टॉर पर दिखती हैं, गूगल जैसे सर्च इंजन पर नहीं। दावा है कि डॉर्क नेट की दुनिया इंटरनेट से तीन गुना विशाल है। यहां रोज करोड़ों लोग लॉगइन करते हैं, लेकिन उनकी पहचान गुप्त रहती है।