ईय़ू ने किया 'सर्जिकल स्ट्राइक' का समर्थन, बताया सेना का सक्रिय ऑपरेशन
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यूरोपीय संसद के शीर्ष अधिकारी ने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सीमापार भारत के सर्जिकल स्ट्राइक की तारीफ और समर्थन किया जाना चाहिए। अगर पाकिस्तान की ओर से आतंक का निर्यात नहीं रोका गया, तो आतंकवादी जल्द ही पश्चिमी देशों को भी निशाना बनाएंगे।
यूरोपीय संसद के उपाध्यक्ष रिसजार्ड जारनेकी ने मोदी सरकार और भारतीय सेना की जमकर प्रशंसा की। इस संबंध में ब्रिटेन में जन्मे पोलैंड के राजनेता रिसजार्ड का लेख यूरोपीय संसद की मैगजीन ईटी टुडे में मंगलवार को प्रकाशित हुआ।
उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक से यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने की भारत इजाजत नहीं देगा। पीओके में भारतीय सेना का सर्जिकल स्ट्राइक एक सक्रिय ऑपरेशन रहा।
रूसी राजदूत एलेक्जेंडर ने भी सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया
उन्होंने कहा कि भारतीय सैन्य ठिकानों में दो बार पाक प्रायोजित आतंकी हमले के जवाब में भारत की ओर से पहली बार ऐसा स्ट्राइक किया गया। रिसजार्ड ने कहा कि इस कार्रवाई के लिए भारत का वैश्विक समर्थन किया जाना चाहिए।
उन्होंने यूरोपीय संघ की ओर से आतंकवाद का खात्मा करने के लिए पाक पर दबाव डालने की बात कही। इससे पहले भारत में रूसी राजदूत एलेक्जेंडर एम कादाकिन भी रिसजार्ड की तरह भारत के सर्जिकल स्ट्राइक का खुलकर समर्थन कर चुके हैं। उन्होंने उड़ी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था।