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तुर्की: जनमत संग्रह में एर्दोगान की जीते, शासन प्रणाली में आएंगे बड़े बदलाव
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
Updated Mon, 17 Apr 2017 10:15 AM IST
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तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगान की राष्ट्र प्रमुख के तौर पर निहित शक्तियों में विस्तार करने को लेकर हुए जनमत संग्रह में जीत दर्ज कर ली है। इस जीत के साथ ही तैयप अब तुर्की में राष्ट्रपति शासन प्रणाली लेकर आएंगे। एर्दोगान का कहना है कि 25 मिलिनय लोगों ने तुर्की में उन्हें बहुमत देकर राष्ट्रपति शासन प्रणाली का समर्थन किया है।
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हालांकि, इनकी इस जीत का विपक्षियों ने विरोध जताया है और वे इसको जीत को चैलेंज करेंगे। अब मतदान का नतीजा एर्दोगान के पक्ष में आया है तो तुर्की के संस्थापक कमाल अतातुर्क और उनके उत्तराधिकारी इस्मत इनोनु के बाद उन्हें तुर्की के किसी भी नेता से अधिक शक्तियां मिल गई हैं।
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स्थानीय मीडिया के अनुसार पूर्वी तुर्की के दियारबकीर और अन्य शहरों में सुबह साढ़े नौ बजे से जनमत संग्रह शुरू हुआ और दो बजे खत्म हुआ। वहीं, इस्तांबुल, अंकारा और अन्य शहरों में मतदान एक घंटे देर से शुरू हुआ और एक देर से खत्म हुआ। इस जनमत संग्रह में 12 लाख युवा मतदाताओं ने पहली बार मतदान किया।
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संसदीय प्रणाली में बदलाव के लिए मतदान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एर्दोगान कार्यकारी राष्ट्रपति पद के साथ संसदीय प्रणाली में बदलाव करना चाहते हैं। अब एर्दोगान 2029 तक सत्तारूढ़ रहें सकेंगे और कैबिनेट मंत्रियों की नियुक्ति, आदेश जारी करना, वरिष्ठ न्यायाधीशों का चुनाव करना और संसद को भंग करने जैसे अधिकार उन्हें मिल जाएंगे।