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ब्रिटिश कंपनी ने भारत में बैंक नोट छापने के आरोपों को नकारा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 10 Dec 2016 03:02 AM IST
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- फोटो : ANI
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ब्रिटेन की कंपनी डी ला रिउ ने नए भारतीय बैंक नोट छापने के ‘अपमानसूचक और दुर्भावनापूर्ण’ आरोपों को आधारहीन करार दिया है। कंपनी ने शुक्रवार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए ‘उचित कदम’ उठाएगी। कंपनी के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी रिचर्ड हेर्ड ने कहा है कि कंपनी अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए भारत में ‘उचित कदम’ उठाएगी।
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रिचर्ड की ओर से जारी एक बयान में कंपनी ने भारतीय मीडिया में उसके कारोबार के बारे में लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मालूम हो कि आम आदमी पार्टी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि डी ला रिउ कंपनी मैसूरू में रिजर्व बैंक के प्रेस में नोटों की छपाई कर रही है, जबकि यूपीए सरकार के शासनकाल में इस कंपनी को काली सूची में डाला गया था। रिचर्ड ने कहा कि भारत की ओर से उनकी कंपनी को न तो अब तक कोई नोटिस मिला है और न ही उन्हें काली सूची में डाले जाने की जानकारी दी गई है।
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साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी नोट छपाई के लिए न कागज की आपूर्ति कर रही है और न ही नए नोटों की छपाई से किसी भी तरीके से जुड़ी हुई है। रिचर्ड ने कहा है कि उनकी कंपनी पाकिस्तान को भी नोट छपाई के लिए कागज की आपूर्ति नहीं कर रही है। साथ ही पाक में नोटों की छपाई भी नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी कभी भी एक देश को दी जाने वाली नोट के कागज को दूसरे देश को नहीं देती।
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