विकीलीक्स मामले में यूएन पैनल के आदेश को नहीं मानेगा ब्रिटेन
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ब्रिटेन ने संयुक्त राष्ट्र पैनल के उस आदेश को मानने से इनकार कर दिया है जिसमें विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांजे को छोड़ने की बात कही गई थी। असांजे पिछले तीन साल से लंदन में स्थित इक्वाडोर एंबेसी में रह रहे हैं।
गौरतलब है कि यूएन वर्किंग ग्रुप ऑन आर्बिट्ररी डिटेंशन (यूएनडब्ल्यूजीएडी) ने कहा था कि एंबेसी में असांजे को रखना एक तरह से कैद में बंधक बनाकर रखने जैसा ही है।
यूएन पैनल के इस घोषणा के बाद 44 वर्षीय असांजे ने कहा था कि यह फैसला तीन साल से चले आ रहे खेल को पलटकर रख देगा।
रिहा करने की मांग
असांजे ने एक दिन पहले अपने बयान में यह भी कहा था कि, 'यूएन को यह घोषणा कर देनी चाहिए कि मैं ब्रिटेन और स्वीडन के खिलाफ अपना केस हार गया हूं। अगर ऐसा होता है तो मैं शु्क्रवार को ब्रिटिश पुलिस के सामने समर्पण कर दूंगा।'
आस्ट्रेलियाई मूल के असांजे ने एक यूरोपियन अरेस्ट वारंट से बचने के लिए इक्वाडोर की एंबेसी में शरण लिया था। उनके खिलाफ यह वारंट एक महिला के साथ रेप करने के आरोप में जारी किया गया था जिसे असांजे ने नकार दिया था।
असांजे को शक था कि अगर वह गिरफ्तार किए जाते हैं तो उन्हें खुफिया जानकारी सार्वजनिक करने के आरोप में अमेरिका भेज दिया जाएगा। गौरतलब है कि विकीलीक्स ने दुनियाभर के कई देशों से जुड़े खुफिया दस्तावेजों को सार्वजनिक किया था।